गांधीनगर : भूपेंद्र पटेल की उपस्थिति में गुजरात के साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग ने इंडियन इलेक्ट्रॉनिक्स एंड सेमीकंडक्टर एसोसिएशन (आईईएसए) के साथ शनिवार को गांधीनगर में सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किये। गुजरात को इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्यूफ़ैक्चरिंग और डिजाइन के लिए नेशनल हब बनाने के साथ-साथ राज्य में सेमीकंडक्टर सेक्टर के लिए एक संपूर्ण वाइब्रेंट इकोसिस्टम खड़ा करने के लिए आईईएसए राज्य सरकार के द गुजरात स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स मिशन (जीएसईएम) को मार्गदर्शन और सहायता प्रदान करेगा। इतना ही नहीं आईईएसए इन्वेस्टमेंट प्रमोशन और इन्वेस्टर्स आउटरीच के लिए भी जीएसईएम को मार्गदर्शन प्रदान करेगा।
राज्य सरकार की ओर से जीएसईएम के मिशन डायरेक्टर विदेह खरे तथा आईईएसए की ओर से प्रेसिडेंट के. कृष्णमूर्ति ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। पटेल ने इस अवसर पर कहा कि यह एमओयू गुजरात को सेमीकंडक्टर क्षेत्र में ग्लोबल प्लेयर बनाने में उपयोगी साबित होगा। आईईएसए भारत में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन उद्योगों के विकास के लिए कार्य कर रहा है। आईईएसए भारत में इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण सेमिनार, सम्मेलन आयोजित करने में भी पार्टनर है। इंटेलिजेंट इलेक्ट्रॉनिक्स और ईएसडीएम के लिए आईईएसए देश की अग्रणी उद्योग संस्था है।
एमओयू पर हस्ताक्षर के अवसर पर मुख्य सचिव राज कुमार, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव के. कैलाशनाथन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सचिव विजय नेहरा सहित आईईएसए की ओर से वाईस प्रेसिडेंट कर्नल अनुराग अवस्थी, सलाहकार विवेक त्यागी तथा एग्जीक्यूटिव कमेटी के सदस्य अशोक मिश्रा उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से गांधीनगर में आयोजित हो रहे तीन दिवसीय सम्मेलन सेमीकॉन इंडिया-2023 में भाग लेने वाले अग्रणी उद्योग समूहों को भविष्य में गुजरात में अपनी इकाइयां स्थापित करने के लिए आईईएसए सहायक बना रहे इस उद्देश्य से ये एमओयू पर हस्ताक्षर हुए हैं।
गुजरात सरकार-आईईएसए के बीच हुआ एमओयू
