कोल्हापुर : कर्नाटक राज्य पुलिस ने बेहद तनावपूर्ण स्थिति में महाराष्ट्र के महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के नेताओं के एक मोर्चा को रोक दिया और उन्हें कोगनोली टोल प्लाजा चेक पोस्ट पर कर्नाटक राज्य की सीमा में प्रवेश करने से रोक दिया गया, जो बेलगावी जाना चाहते थे। मराठी भाषी लोगों का समर्थन करने और आज बेलगावी के तिलकवाड़ी में महाराष्ट्र एकीकरण समिति (एमईएस) के ‘महामेलवा’ में भाग लेने के लिए एमवीए के नेता एवं कार्यकर्ता जा रहे थे। ‘महामेलवा’ को बाद में बेलगावी जिला प्राधिकरण द्वारा वापस लेने की अनुमति के बाद रद्द कर दिया गया।
एमवीए में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा), कांग्रेस और शिवसेना (ठाकरे) जिले के नेता शामिल थे, जिनमें राकांपा नेता विधायक और पूर्व मंत्री हसन मुश्रीफ, एसएस जिले के नेता विजय देवने और कांग्रेस नेता शुमार हैं। एमवीए नेताओं ने कागल तहसील शहर से कोगनोली के माध्यम से बेलगावी जाने के लिए मोर्चा निकाला था। कोगनोली पहुंचने के बाद दूधगंगा नदी पुल पर तैनात कर्नाटक पुलिस ने इस मोर्चा को रोक दिया और बेलगावी जाने के लिए कर्नाटक राज्य में प्रवेश करने से मना कर दिया।
तनावपूर्ण स्थिति में, एमवीए कार्यकर्ताओं और नेताओं ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर धरना प्रदर्शन किया। जब कुछ पुलिस ने श्री मुश्रीफ पर लाठियां उठाने की कोशिश की तो कार्यकर्ता नाराज हो गए। श्री मुश्रीफ ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए विधानसभा सत्र में उपस्थित नहीं हो पाने पर खेद व्यक्त करते हुए कहा कि जब कर्नाटक सरकार मराठी भाषी लोगों पर अत्याचार कर रही है तो वह विधानसभा सत्र में कैसे शामिल हो सकते हैं। उन्होंने पुलिस प्राधिकार की ओर से महामेलवा ले जाने की अनुमति न देने, उग्र वक्ताओं को मंडल ले जाने की अनुमति न देने और कर्नाटक राज्य में प्रवेश की अनुमति न देने विरोध भी व्यक्त किया।
श्री मुश्रीफ ने पिछले 62 वर्षों से कर्नाटक सरकार द्वारा विवादित सीमा क्षेत्रों पर अन्याय के बाद केंद्र सरकार से इस विवादित सीमा क्षेत्रों को तुरंत केंद्र शासित क्षेत्र में लाये जाने की मांग की। इस बीच बेलगावी जिला प्रशासन ने अप्रत्याशित रूप से आज के एमईएस के महामेलवा के लिए अनुमति वापस ले ली। विवादित सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले मराठी भाषी लोगों पर अत्याचार पर अपना विरोध व्यक्त करने के लिए एमवीए ने मार्च निकाला। यह मार्च बेलगावी में कर्नाटक विधानसभा सत्र के पहले दिन आयोजित किया गया था। पुलिस ने बेलगावी में महामेलवा के आयोजन में लगे एमईएस नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में ले लिया। जिला प्रशासन ने जिले में धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है।
एमवीए नेताओं को बेलगावी में प्रवेश से रोका
