सागर : मध्यप्रदेश के सागर संभागायुक्त डाॅ वीरेन्द्र सिंह रावत ने छतरपुर कलेक्टर के जांच प्रतिवेदन में जनपद पंचायत नौगांव के प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी भागीरथ तिवारी के विरुद्ध प्राप्त शिकायतें एवं कार्यो में अनियमितता पाये जाने पर तत्काल प्रभाब से निलंबित कर दिया है।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार श्री तिवारी (मूलपद विकासखण्ड अधिकारी) के विरुद्ध शिकायतों की जाँच, दो सदस्यीय जाँच दल से कराई गई थी। जाँच प्रतिवेदन में ग्राम पंचायत करारागंज के पंचायत भवन निर्माण के लिए शेष राशि के भुगतान में अनावश्यक विलंब करना, जनपद स्तरीय 15 वें वित्त आयोग की राशि के भुगतान में वित्तीय नियमों व भंडार क्रय नियमों का पालन नहीं किया जाना, 15वें वित्त आयोग से संबंधित कार्ययोजना/पंजी को नियमानुसार संधारित नहीं करना, अंशुल चतुर्वेदी नाम के व्यक्ति को बिना नियम व प्रकिया के नियुक्त किये जाने, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना की राशि में अनियमितता आदि के लिये श्री तिवारी को दोषी पाया गया है।
छतरपुर कलेक्टर के जॉच प्रतिवेदन के अवलोकन एवं परिशीलन उपरांत भागीरथ तिवारी के उक्त कृत्य स्वैच्छाचारिता, अनुशासनहीनता के द्योतक एवं पदीय कर्तव्यों के प्रतिकूल होकर म०प्र० सिविल सेवा आचरण नियम का उल्लघंन है। उन्हें म.प्र. सिविल सेवा नियम के अन्तर्गत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में श्री तिवारी का मुख्यालय कार्यालय कलेक्टर जिला छतरपुर नियत किया गया है।
नौगांव के प्रभारी सीईओ भागीरथ तिवारी निलंबित
