मुंबई : शरद पवार और पार्टी के राज्य मुख्य प्रवक्ता महेश तापसे ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता रद्द किये जाने को लेकर उनके समर्थन में प्रदेश कांग्रेस और मुंबई कांग्रेस की ओर से बुधवार को आयोजित एक दिवसीय मौन विरोध प्रदर्शन में भाग लिया। पवार के पोते और शरद पवार समूह के विधायक रोहित पवार ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी पूरीतरह से गांधी का समर्थन करती है।
मीडिया से बात करते हुए रोहित ने महाराष्ट्र की शिवसेना (शिंदे गुट)-भारतीय जनता पार्टी-राकांपा (अजित गुट) गठबंधन सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भले ही राज्य के आम लोगों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है और कई हिस्सों में किसान बारिश की कमी के कारण परेशान हैं। पर तीनों दलों के नेता महत्वपूर्ण विभागों को हासिल करने के लिए एक-दूसरे से उलझ रहे हैं।
रोहित ने कहा कि राकांपा के नौ विधायकों को पाला बदलकर शिंदे मंत्रिमंडल में मंत्री बनाए हुए 10 दिन हो गए हैं, लेकिन अभी तक उन्हें विभाग आवंटित नहीं किए गए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि भाजपा द्वारा बागी अजित पवार के नेतृत्व वाली राकांपा को दिए गए वादों को पूरा न करने को लेकर गठबंधन सहयोगियों में दरार पैदा हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने पिछली महा विकास अघाड़ी-सरकार को गिराने के लिए अविभाजित शिवसेना के एकनाथ शिंदे का भी इसी तरह इस्तेमाल किया था।
