- राष्ट्रीय कैमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स लिमिटेड के स्वतंत्र निदेशक चंद्र भूषण पांडेय ने दिया जागरुकता बढ़ाने पर जोर
लखनऊ : किसानों की आय बढ़ रही है। आज उनमें जागरूकता आयी है। चारों तरफ वैज्ञानिक ढंग से खेती करने की होड़ बढ़ रही है, लेकिन अभी यह सब अधुरा है। इसमें अभी बहुत अधिक काम करने की जरूरत है। किसानों को कम लागत पर खेती के टिप्स बताने की जरूरत है। जब वे कम लागत की खेती के फायदे समझ जाएंगे तो उनकी आमदनी स्वयं बढ़ जाएगी। ये बातें भाजपा नेता और राष्ट्रीय कैमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स लिमिटेड के स्वतंत्र निदेशक चंद्र भूषण पांडेय ने कही।
उन्होंने किसानों की स्थिति के बारे में कहा कि वैज्ञानिक खेती के लिए जागरूक करने की प्रक्रिया का प्रभाव बहुत पड़ा है। आज हर गांव में किसान जागरूक दिख रहे हैं। प्रगतिशील किसानों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन अभी बहुत कुछ जागरूक करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आज भी किसान आवश्यकता से ज्यादा खेतों में उर्वरक डालते हैं। उन्हें जागरूक करने की जरूरत है।
उन्हें बताया कि सबसे पहले तो हर खेत की मिट्टी की जांच करानी चाहिए। इससे पता चलेगा कि उस खेत में क्या डालना चाहिए। यदि किसी के खेत में डीएपी की जरूरत है तो अभी यूरिया डाला जाता है। इससे लागत ज्यादा आती है। हम सीमित मात्रा में जांच कराकर खाद का प्रयोग करें तो कम लागत में अच्छा उत्पादन ले सकते हैं। इसको अभी जागरूक करने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि जागरूकता एक दिन में काम करने की पद्धति नहीं है। इसका सतत प्रयास होते रहना चाहिए। आज स्वच्छता अभियान का असर चारों तरफ दिख रहा है, जब इसे प्रधानमंत्री ने शुरू किया था तो विपक्ष इसका मजाक उड़ा रहा था। आज इसका असर इतना है कि हर व्यक्ति स्वच्छता के प्रति जागरूक है। यह कोई एक दिन में नहीं हुआ। यह धीरे-धीरे ही हुआ। वैसे ही किसानों को भी एक बार में जागरूक नहीं किया जा सकता। यह अनवरत प्रक्रिया चलती रहनी चाहिए। नये-नये प्रयोग किसानों तक पहुंचना चाहिए।
