अलवर : अशोक गहलोत ने कहा कि राजस्थान में नए बनने वाले जिलों के लिए कमेटी का गठन किया गया है, जिसके पूरी रिपोर्ट नहीं आई है। अभी अधूरी रिपोर्ट आई है पूरी रिपोर्ट आने के बाद इसका निर्णय लिया जाएगा।
अलवर शहर में पूर्व केंद्रीय मंत्री भंवर जितेंद्र सिंह की बेटी की शादी समारोह में शरीक होने आए श्री गहलोत ने आज देर शाम
पत्रकारों से बातचीत करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि नए जिले बनाने के लिए व्यापक रूप से सर्वे किया जा रहा है जो कमेटी बनाई गई है उसकी अभी पूरी रिपोर्ट नहीं आई है। पूरी रिपोर्ट आने के बाद उस पर निर्णय लिया जाएगा ।
13 जिलों के लिए इआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस संबंध में केंद्र सरकार को निर्णय लेना चाहिए। यह परियोजना पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने शुरू की थी केंद्र सरकार को तो सोचना चाहिए कि उनकी पार्टी की मुख्यमंत्री ने इस परियोजना को चालू किया तो उसमें पूरा सहयोग करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि राजस्थान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो बार इस संबंध में आश्वासन दिया था लेकिन वह इस जल परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना क्यों घोषित नहीं कर रहे यह समझ से परे है। अभी हाल में ही दौसा आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी इस संबंध में कहना चाहिए था।अगर इस परियोजना के लिए भले ही 10000 करोड रुपए आवंटित करते तो कम से कम यह लोगों को पता लगता कि प्रधानमंत्री की नियत साफ है और राजस्थान के साथ न्याय कर रहे हैं।
रिफाइनरी के सवाल पर भी उन्होंने कहा कि राजस्थान के बाड़मेर में लगने वाली रिफाइनरी को भी बंद कर दिया था लेकिन जब चुनाव आए तो खुद प्रधानमंत्री को आना पड़ा और इसे शुरू करना पड़ा। महंगाई के सवाल पर उन्होंने कहा कि जो वर्तमान में राजस्थान सरकार ने बजट पेश किया है वह महंगाई से मार से परेशान तबके के लिए महत्वपूर्ण है। उन लोगों पर महंगाई का असर कम से कम हो इसलिए इस बजट में प्रावधान किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि उज्वला योजना में केंद्र सरकार ने फ्री में कनेक्शन दिए थे लेकिन सिलेंडर महंगे होने के कारण उज्ज्वला योजना से लाभान्वित परिवार सिलेंडर नहीं खरीद पा रहे हैं इसलिए बजट में 500 रुपए का सिलेंडर देने का प्रावधान किया गया है।
गहलोत ने बताया कि इस बजट में महंगाई का असर कम करने के लिए घोषित किए गए प्रावधानों को लागू करने के लिए भले ही कैंप लगाया जाए कैंप लगाकर उन्हें लाभ दिया जाएगा। गायों में फैली लंपी बीमारी से अकाल मौत का ग्रास बनी गायों के लिए 40000 रुपए के मुआवजे का प्रावधान किया गया है। विद्यार्थियों के लिए कोचिंग निशुल्क कोचिंग शुरू की गई है पहले 15000 बच्चों को कोचिंग पढ़ाने का था अब 30000 बच्चों को कोचिंग की सुविधा प्रदान की गई है। इसके अलावा हर साल 500 बच्चों को विदेश भेजने का भी निर्णय लिया गया है जिसमें आने-जाने और रहने का खर्चा सरकार उठाएगी।
रिपोर्ट आने के बाद होगी नए जिलों की घोषणा
