नई दिल्ली : राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने उत्तराखंड के उत्तरकाशी में चारधाम मार्ग के निर्माण के दौरान सुरंग धंसने की घटना को देखते हुए निर्माण के दौरान सुरक्षा और उच्च गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए देश की सभी 29 निर्माणाधीन सुरंगों की सुरक्षा जांच करने का निर्णय लिया है।
एनएचएआई का कहना है कि देश की सुरंगों की सुरक्षा की जांच के लिए दिल्ली मेट्रो रेल के विशेषज्ञों तथा अन्य सुरंग विशेषज्ञों की टीम देश की विभिन्न सुरंग परियोजनाओं का सुरक्षा के लिहाज से निरीक्षण करेगी और सात दिन के भीतर इस संबंध में रिपोर्ट सौंपेंगी।
आधिकारिक सूचना के अनुसार देश में लगभग 79 किमी लंबी 29 सुरंगों का निर्माण कार्य चल रहा है जिनमें से 12 सुरंगें हिमाचल प्रदेश, 6 जम्मू कश्मीर तथा महाराष्ट्र, ओडिशा, राजस्थान में दो-दो और मध्य प्रदेश, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड और दिल्ली में एक-एक सुरंग का काम शामिल है।
सरकार का कहना है कि इसके लिए उसने कोंकण रेलवे कॉर्पोरेशन लिमिटेड के साथ समझौता किया है। समझौते के तहत एनएचएआई परियोजनाओं के लिए सुरंग निर्माण और ढलान स्थिरीकरण से संबंधित डिजाइन, ड्राइंग और सुरक्षा पहलुओं की समीक्षा के लिए सेवाएं प्रदान करेगा। कोंकण रेलवे के साथ यह समझौता दो वर्ष की अवधि के लिए प्रभावी रहेगा। इससे पहले सितंबर में एनएचएआई ने डीएमआरसी के साथ एक समान समझौते पर हस्ताक्षर किए थे जो देश भर में राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरंगों, पुलों और अन्य संरचनाओं की योजना, डिजाइन, निर्माण और रखरखाव की समीक्षा के लिए सेवाएं प्रदान करेगा।
एनएचएआई का निर्माणाधीन सुरंगों की सुरक्षा जांच का निर्णय
