बेंगलुरु : राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पिछले साल नवंबर में कर्नाटक के मेंगलुरु में हुए इस्लामिक स्टेट (आईएस) प्रायोजित प्रेशर कुकर विस्फोट मामले में दो आरोपियों के खिलाफ बुधवार को आरोपपत्र दायर किया। एनआईए ने विस्फोट के मामले में इस साल जुलाई में शारिक और सह-आरोपी सैयद शारिक को गिरफ्तार किया था। एजेंसी ने आज गिरफ्तार दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाते हुए आरोपपत्र दाखिल किया।
एनआईए की जांच के मुताबिक शारिक और सैयद ने एक ऑनलाइन हैंडलर के साथ मिलकर खलीफा (शरिया कानून) स्थापित करने की साजिश के तहत विस्फोट की योजना बनाई थी। साजिश के तहत शारिक ने प्रेशर कुकर आईईडी तैयार किया था और सैयद यासीन ने विस्फोटक के लिए सामग्री उपलब्ध करायी थी।
इस मामले गिरफ्तार किए गए 10 लोगों में से शारिक और सैयद यासीन सहित नौ पर 30 जून 2023 को भोले-भाले मुस्लिम युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और उनकी भर्ती करने, धन जुटाने और आईएस की भारत विरोधी गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए विस्फोट कराने के आरोप में आरोप पत्र दायर किया गया था।
उल्लेखनीय है कि 19 नवंबर, 2022 को आरोपियों में से एक मोहम्मद शारिक हिंदू समुदाय के बीच आतंक का खौफ पैदा करने की मंशा से एक ऑटोरिक्शा में प्रेशर कुकर आईईडी ले जा रहा था उसने मंगलुरु के कादरी मंजूनाथ मंदिर में आईईडी लगाने की योजना बनाई थी, लेकिन रास्ते में यह कम तीव्रता वाला बम दुर्घटनावश फट गया। जिसके बाद इस मामले को पिछले साल 22 नवंबर को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किया गया था।
