श्रीनगर : राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के कोकेरनाग इलाके में शनिवार को मुठभेड़ मामले में दो आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया।
एनआईए सूत्रों ने बताया कि यह घटना 13 सितंबर, 2023 की रात की है, जब वरिष्ठ अधिकारी कोकेरनाग के गडोले जंगल में संदिग्ध ठिकाने के पास पहुंचे थे और छिपे आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी थी। भीषण गोलीबारी के कारण सेना के एक कर्नल, एक मेजर, जम्मू-कश्मीर पुलिस के एक उपाधीक्षक शहीद हो गये। शुरुआती गोलीबारी के दौरान एक अन्य सैनिक भी घायल हो गये और ऑपरेशन के तीसरे दिन उनका पार्थिव शरीर मिला।
यह ऑपरेशन सात दिनों तक चला जिसमें लश्कर-ए-तैयबा का टॉप कमांडर उजैर खान मारा गया। अनंतनाग के कोकेरनाग इलाके के निवासी मोहम्मद अकबर डार और गुलाम नबी डार के खिलाफ एनआईए विशेष अदालत, जम्मू के समक्ष आज आरोप पत्र दायर किया गया। दोनों पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), शस्त्र अधिनियम और यूए (पी) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। एनआईए जांच में पता चला कि दोनों आरोपी उजैर खान के लिए ओवरग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यू) के रूप में काम कर रहे थे।
उन्होंने कहा, “ये दोनों क्षेत्र में सक्रिय आतंकवादियों को केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में आतंकी कृत्यों और गतिविधियों को अंजाम देने में मदद कर रहे थे। वे सुरक्षा बलों की आवाजाही के साथ-साथ भोजन, दैनिक जरूरत की वस्तुओं आदि के रूप में रसद सहायता के बारे में जानकारी प्रदान कर रहे थे। वे आतंकवादियों को आश्रय प्रदान करके उन्हें आश्रय भी दे रहे थे।” इस मुठभेड़ में मारा गया आतंकवादी लश्कर-ए-तैयबा की शाखा द रेसिस्टेंट फ्रंट (टीआरएफ) का सक्रिय सदस्य था।
उन्होंने कहा कि उजैर अगस्त 2022 में लश्कर में शामिल हो गया था और सीमा पार से पाकिस्तानी आकाओं के माध्यम से अनंतनाग क्षेत्र में सुरक्षा बलों के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने में शामिल था।
एनआईए के प्रवक्ता ने कहा,“वह कोकेरनाग इलाके में पहले हुई आतंकी घटनाओं में भी शामिल था और पिछले दो मौकों पर वह पहाड़ी, जंगली इलाके का फायदा उठाकर सुरक्षा बलों के चंगुल से भागने में कामयाब रहा था।” उन्होंने कहा, “लश्कर और टीआरएफ दोनों प्रतिबंधित संगठन हैं। ये संगठन जिहाद के नाम पर कश्मीरी युवाओं को आतंकवादी संगठनों में शामिल होने के लिए लगातार उकसाने, प्रेरित करने में शामिल रहे हैं।”
एनआईए के मुताबिक, मामला शुरू में 13 सितंबर को अनंतनाग के कोकेरनाग थाना में दर्ज किया गया था और पांच दिसंबर को उनके द्वारा फिर से दर्ज किया गया।
एनआईए ने दो ओवरग्राउंड वर्करों के खिलाफ किया आरोपपत्र दायर
