झुंझुनू : राजस्थान में झुंझुनू जिले की पिलानी पंचायत समिति प्रधान बिरमा देवी के खिलाफ आज अविश्वास प्रस्ताव पेश कर दिया गया। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जवाहर चौधरी के समक्ष अविश्वास प्रस्ताव पेश कर दिया गया है। बिरमा देवी 2 साल पहले 12 सदस्यों के समर्थन से प्रधान निर्वाचित हुई थी। पिलानी पंचायत समिति की वो पहली प्रधान भी हैं। पिलानी पंचायत समिति में समय पर बैठकें नहीं करवाने, विकास कार्यों को दरकिनार करने सहित अन्य आरोप लगाते हुए पंचायत समिति सदस्य जिला परिषद पहुंचे और प्रधान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का पत्र सौंपा। नियमों के मुताबिक निर्वाचित सदस्यों के एक तिहाई सदस्य अविश्वास प्रस्ताव को देने के लिए सक्षम अधिकारी के सामने उपस्थित होने चाहिए।
पिलानी पंचायत समिति के लिए अविश्वास प्रस्ताव देने के लिए 6 सदस्य होने जरूरी थे। लेकिन वहां आज 8 सदस्य मौजूद रहे।
पिलानी पंचायत समिति में कुल 19 सदस्य हैं। दलगत स्थिति की बात करें तो इनमें 8 भाजपा, 5 कांग्रेस तथा 6 निर्दलीय सदस्य हैं। प्रधान के खिलाफ पंचायत समिति के 15 सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव पेश किया है जिनमें 5 भाजपा के 5 कांग्रेस तथा 5 निर्दलीय सदस्य हैं। यह सभी फिलहाल प्रधान के खिलाफ बताए जा रहे हैं। अब तारीख तय कर पिलानी पंचायत समिति के प्रधान पद के लिए अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान करवाया जाएगा।
पंचायत समिति सदस्यों के प्रधान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश करने के बाद इस पर मतदान होगा। मतदान के माध्यम से ही फैसला होगा कि बिरमा संदीप रायला प्रधान रहेंगी या नहीं। अगर अविश्वास प्रस्ताव पारित होता है तो पंचायत समिति प्रधान का पद यहां एससी के लिए आरक्षित है। ऐसे में संभावना है कि जब तक सदस्य फिर से किसी को प्रधान नहीं चुनते, तब तक इसी वर्ग के किसी अन्य को कार्यवाहक के रूप में पद की जिम्मेदारी दी जाएगी। उप प्रधान इस पद के लिए आरक्षित वर्ग की अर्हता के दायरे में नहीं है। इसलिए उनको चार्ज नहीं मिलेगा।
