18 अप्रैल को होगी सुनवाई
नई दिल्ली। दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री और आप नेता मनीष सिसोदिया को जमानत के लिए अभी और इंतजार करना होगा। बुधवार को राउज ऐवेन्यू कोर्ट में उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी नहीं हो सकी। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए अपनी दलीलें कोर्ट के सामने रखीं। सिसोदिया पक्ष को अगली सुनवाई में मौका दिया जाएगा। कोर्ट ने इसके लिए 18 अप्रैल की तारीख दी है।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अदालत में कहा कि मनीष सिसोदिया ने आबकारी नीति को संशोधित करने और लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं, मनीष के वकील का कहना था कि दिल्ली आबकारी विभाग में नीति तैयार करने का तर्क पूरी तरह झूठा है। मनीष सिसोदिया को पहले सीबीआई और फिर ईडी ने शराब घोटाले केस में गिरफ्तार किया था।
शराब मंत्री रहते हुए मनीष सिसोदिया पर आबकारी नीति में ऐसे बदलाव का आरोप है, जिनसे कथित तौर पर शराब कारोबारियों को फायदा पहुंचाया गया। आरोप है कि बदले में आम आदमी पार्टी के नेताओं ने 100 करोड़ रुपए की रिश्वत ली। छापेमारी और पूछताछ के बाद सिसोदिया को 26 फरवरी को सीबीआई ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद 9 मार्च को घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में ईडी ने भी उन्हें अपने गिरफ्त में ले लिया था। सिसोदिया पिछले महीने से तिहाड़ जेल में बंद हैं।
आम आदमी पार्टी लगातार आरोपों से इनकार करती रही है। पिछले साल एलजी वीके सक्सेना की ओर से जांच का आदेश दिए जाने के बाद केजरीवाल सरकार ने विवादित आबकारी नीति को वापस ले लिया था। जांच एजेंसियों ने मनीष सिसोदिया समेत कई लोगों को अब तक गिरफ्तार किया है। विपक्षी भाजपा इन आरोपों के सहारे सरकार की घेराबंदी में जुटी है।
मनीष सिसोदिया को राहत नहीं
