भरतपुर : राजस्थान के भरतपुर संभाग में आंधी-तूफान एवं वर्षा से कई जगहों पर पेड़ टूटने, टीन शेड और छप्पर उड़ जाने और बिजली के तार टूटने से शहर सहित कई स्थानों की बिजली व्यवस्था ठप हो जाने से तीन दिन से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस की वजह से आये आंधी-तूफान एवं वर्षा के कारण सम्भाग के भरतपुर, धौलपुर, करोली तथा सवाईमाधोपुर जिलों में बड़ी संख्या में विद्युत खम्बों के धराशाई हो जाने से शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति के साथ पेयजल व्यवस्था चरमरा गई है। शनिवार को को भी घने काले बादल और तेज आंधी के साथ बारश से करौली, हिंडौन सहित कई जगहों पर जन जीवन प्रभावित हुआ।
तेज हवा के कारण कई जगहों पर पेड़ टूट गए, टीन शेड और छप्पर उड़ गए। इस दौरान कई जगहों पर तार टूटने से शहर की बिजली व्यवस्था भी ठप हो गई। संभाग के गंगापुर सिटी सहित आसपास के इलाकों में भी आंधी और बारिश के कारण शनिवार को भी जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। करीब एक घण्टे तक चले अंधड़ से विद्युत पोल क्षतिग्रस्त होने और तार टूटने से बिजली आपूर्ति बंद हुई। क्षेत्र में अंधड़ और बारिश के कारण अब तक करीब 150 से ज्यादा बिजली के पोल और करीब पांच ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे बिजली निगम को काफी नुकसान पहुंचा है।
इसी तरह धौलपुर जिले जिले में सुबह बारिश के साथ तेज हवा का असर देखा गया। जिसकी बजह से जिले के धौलपुर, सरानी खेड़ा, करीमपुर, सैंपऊ, बाड़ी और बसई नवाब इलाके में छप्परपोश मकान और बड़े-बड़े पेड़ उखड़ कर धराशाई हो गए। हालांकि मौसम के इस बदलाव से लोगों को तेज गर्मी से राहत मिली है।
अंधड़ एवं वर्षा से जनजीवन हुआ प्रभावित
