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सीबीआई अधिकारियों को नोटिस जारी

नई दिल्ली/हल्द्वानी : दिल्ली उच्च न्यायालय ने भारतीय वन सेवा (आईएफएस) अधिकारी संजीव चतुर्वेदी द्वारा दायर अवमानना याचिका पर शुक्रवार को केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के वरिष्ठ अधिकारी विनीत विनायक और गगनदीप गंभीर को नोटिस जारी किया। चतुर्वेदी ने पहले अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) दिल्ली में मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ) के रूप में काम किया था और अस्पताल में भ्रष्टाचार के एक मामले की जांच की। चतुर्वेदी ने इस सिलसिले में सितंबर 2017 में सीबीआई को सूचना का अधिकार (आरटीआई) आवेदन दायर कर सीबीआई द्वारा की गई जांच से संबंधित दस्तावेज मांगे।
तत्कालीन सीबीआई पुलिस अधीक्षक गगनदीप गंभीर ने इस आधार पर आवेदन खारिज कर दिया कि संघीय जांच एजेंसी आरटीआई अधिनियम की धारा 24 (1) के तहत छूट प्राप्त संगठनों की सूची में आती है। श्री चतुर्वेदी ने नवंबर 2017 में विनीत विनायक के समक्ष आदेश के खिलाफ अपील दायर की थी, जो उस समय सीबीआई के संयुक्त निदेशक थे। आदेश के विरुद्ध अपील भी इसी आधार पर खारिज कर दी गई।
चतुर्वेदी ने जनवरी 2018 में इन दोनों अधिकारियों द्वारा पारित आदेशों के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय में अवमानना याचिका दायर की। उन्होंने याचिका में बताया कि सूचना देने से इनकार करने से सितंबर 2017 के साथ-साथ अगस्त 2017 में दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेशों और निर्देशों का उल्लंघन हुआ। अदालत ने स्पष्ट रूप से आदेश पारित किया था कि आरटीआई अधिनियम की धारा 24 के तहत आने वाले संगठनों को ऐसा करना होगा। भ्रष्टाचार और मानवाधिकार उल्लंघन से संबंधित जानकारी प्रदान करें।
उन्होंने न्यायालय के समक्ष अपनी याचिका के माध्यम से कहा कि उनके द्वारा सीबीआई से मांगी गई जानकारी भ्रष्टाचार के आरोपों से संबंधित थी और इसलिए सीबीआई उन्हें यह जानकारी देने के लिए बाध्य थी। इसलिए यह अदालत के आदेश की अवमानना है। न्यायाधीश जसमीत सिंह ने अवमानना याचिका पर सुनवाई के बाद सीबीआई अधिकारियों को नोटिस जारी किया और मामले की सुनवाई 31 अक्टूबर को तय की।

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