नोएडा। यमुना और हिंडन नदी दोनों के डूब क्षेत्र के 53 से ज्यादा गांव प्रभावित है। करीब 8710 व्यक्ति प्रभावित हुए है। जिन्हें निकालने में प्रशासन, एनडीआरएफ, पुलिस और प्राधिकरण की टीमों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। इन तक पहुंचना कठिन साबित हुआ। जिला प्रशासन यहां दोबारा से बसावट नहीं होने देगी। प्राधिकरण के साथ समन्वय बनाकर इन यमुना डूब क्षेत्र में बने फार्म हाउस को ध्वस्त करने की तैयारी है। इसके लिए अब जिला प्रशासन की ओर से सार्वजनिक नोटिस जारी करने की तैयारी है। प्राधिकरण पहले ही सार्वजनिक नोटिस और पक्के निर्माण नहीं करने की चेतावनी बोर्ड यहां लगा चुका था। इसके बाद भी यहां निर्माण हुआ। प्राधिकरण के नए सीईओ डॉ. लोकेश एम ने भूलेख विभाग को निर्देश जारी कर दिए हैं। भूलेख विभाग ने इसको लेकर नए सिरे से योजना बनानी शुरू कर दी है।
डूब क्षेत्र में यहां फार्म हाउस
नोएडा में यमुना सेक्टर-94,124,125,127,128,131,133,134,,135,168 के अलावा 150 से होकर निकलती है। इसी तरह हिंडन नदी छिजारसी से प्रवेश करते हुए सेक्टर-63ए, बेहलोलपुर, शहदरा, सुथियाना, गढ़ी चौखंड़ी, सेक्टर-123,118,115,143,143ए,148,150, मोमनाथल के पास यमुना में मिलती है। यह दोनों ही नदियां नोएडा को चारों तरफ से घेरे हुए हैं और इन नदियों के किनारे की जमीन को ही डूब क्षेत्र कहा जाता हैं, जहां पर खरीद-फरोख्त पर प्रतिबंध है, लेकिन फिर भी अवैध रूप से इन जमीन की बिक्री की जा रही है।
नोएडा प्राधिकरण ने की थी कार्रवाई
नोएडा प्राधिकरण ने पिछले डेढ़ साल में अभी तक 150 फॉर्म हाउस को ध्वस्त किया है, लेकिन प्राधिकरण की ध्वस्तीकरण की कार्रवाई प्रारम्भ होते ही फॉर्म हाउस संचालक हाईकोर्ट पहुंच गये थे और उन्होंने प्राधिकरण की इस कार्रवाई को गलत ठहराया था। इसके बाद कुछ दिनों तक यह अभियान रुका था, लेकिन बाद में प्राधिकरण ने इन फॉर्म हाउस को फिर से ध्वस्त किया था। अब एक बार फिर से फॉर्म हाउसों के खिलाफ बड़ा अभियान प्रारम्भ करने की तैयारी की जा रही है।
प्राधिकरण बाढ़ के हालात न्यायालय में भी बयां करेगा
कई फार्म हाउस मालिकों ने प्राधिकरण की तोड़ने की कार्रवाई के खिलाफ कोर्ट से स्टे ले रखा है। स्टे ये कहकर प्राप्त किया गया है कि उन्होंने डूब क्षेत्र में निर्माण नहीं कर रखा है। इससे उनके फार्म हाउस तक पानी आने का मतलब ही नहीं है। अब बाढ़ के दौरान कैसे हालात थे और पुस्ते तक पानी पहुंचने की ड्रोन से फोटोग्राफी कराई गई। बाढ़ से बिगड़े हालात की रिपोर्ट तैयार कर अब प्राधिकरण इसको सबूत के साथ न्यायालय में पेश कर स्टे हटवाने का प्रयास करेगा।
चरस-गांजा बिक रहा
ये फार्म हाउस चरस-गांजे का व्यापार करने वालों के लिए भी फार्म हाउस अड्डे बन गए हैं। यहां ऐसे लोगों की आए दिन पार्टियां होती हैं। पिछले एक साल में पुलिस करीब तीन गिरोह को पकड़ खुलासा कर चुकी है।
अविनाश त्रिपाठी, ओएसडी, नोएडा प्राधिकरण ने कहा, अवैध फार्म हाउस तोड़े जाएंगे। इसको लेकर नए सिरे से योजना तैयार की जा रही है। जल्द ही कार्रवाई का सिलसिला शुरू होगा।

