नई दिल्ली : देश की सबसे बड़ी बिजली उत्पादक कंपनी एनटीपीसी लिमिटेड ने उत्तर प्रदेश के औरैया गैस विद्युत संयंत्र में स्थापित एमएचआई 701डी गैस टरबाइनों में प्राकृतिक गैस के साथ मिश्रित हाइड्रोजन को-फायरिंग के लिए जापान की मित्सुबिशी हैवी इंडस्ट्रीज लिमिटेड और उसकी सहायक कंपनी मित्सुबिशी पावर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया हैं।
एनटीपीसी लिमिटेड के निदेशक (परियोजना) उज्जवल कांति भट्टाचार्य, मित्सुबिशी पावर इंडिया के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक तात्सुतो नगायासु और मित्सुबिशी पावर इंडिया के उपाध्यक्ष हिरोयुकी शिनोहारा की मौजूदगी में एमओयू पर हस्ताक्षर किये गये। इस मौके पर एनटीपीसी लिमिटेड के कार्यपालक निदेशक मनीष कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि देश नेट- जीरो और जलवायु लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए आगे बढ़ रहा है, इसे देखते हुए एनटीपीसी भारत की ऊर्जा रूपांतरण की यात्रा में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है।
एनटीपीसी हाइड्रोजन से संबंधित विभिन्न पहलों में अग्रणी है और इस क्षेत्र में अनुसंधान व विकास कार्य कर रहा है, जिससे एक ऐसी तकनीक लायी जा सके जो सभी के लिए हरित, वहनीय, विश्वसनीय और टिकाऊ विद्युत प्रदान कर सके। उन्होंने कहा, “यह एमओयू इन लक्ष्यों को पूरा करने के लिए एनटीपीसी के उठाए गए कुछ कदमों में से एक है। हमारा विश्वास है कि वैश्विक विशेषज्ञता वाले एमएचआई लिमिटेड के साथ साझेदारी में हमें राष्ट्रीय हाइड्रोजन मिशन के तहत अपने उद्देश्यों को पूरा करने में सहायता मिलेगी।”
श्री नगायासु ने कहा कि एमओयू पर हस्ताक्षर काफी महत्वपूर्ण है जो एनटीपीसी और मित्सुबिशी हेवी इंडस्ट्रीज की ओर से विद्युत उत्पादन क्षेत्र के डी-कार्बोनाइजेशन के लक्ष्य को प्राप्त करने और जलवायु परिवर्तन के ज्वलंत मुद्दे को संबोधित करने को लेकर उनकी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करती है। चार गैस टरबाइनों के संयुक्त चक्रीय मोड में परिचालित होने के साथ औरैया गैस विद्युत संयंत्र की कुल स्थापित क्षमता 663 मेगावाट की है।
इस पहल के एक हिस्से के तहत एनटीपीसी हाइड्रोजन के उपयोग के साथ-साथ विभिन्न नयी हाइड्रोजन पीढ़ी प्रौद्योगिकियों की खोज कर रहा है, जिससे भविष्य की तैयारी सुनिश्चित करने के साथ ही तकनीकी विशेषज्ञता को विकसित किया जा सके और राष्ट्रीय डी-कार्बोनाइजिंग व हाइड्रोजन मिशन लक्ष्यों के साथ इसे समन्वित किया जा सके। एमओयू के तहत दोनों कंपनियां एनटीपीसी औरैया गैस आधारित संयुक्त चक्रीय विद्युत संयंत्र में हाइड्रोजन को-फायरिंग शुरू करने को लेकर अध्ययन करने और प्रमुख कार्यों को चिह्नित करने के लिए सहभागिता करेंगी।
