भुवनेश्वर : ओडिशा में लगातार हो रही बारिश से 12 जिलों के 481 गांव प्रभावित हुए हैं। विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) सत्यब्रत साहू ने गुरुवार को पत्रकारों को बताया कि जिला कलेक्टरों को पानी कम होने के बाद क्षति आकलन रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि महानदी नदी प्रणाली में मध्यम स्तर की बाढ़ की आशंका है और प्रशासन इससे निपटने के लिए तैयार है।
एसआरसी ने कहा कि आज शाम तक मुंडुली में 9 लाख क्यूसेक से अधिक पानी गुजरने की संभावना है। बाढ़ के पानी को जगतसिंहपुर, पुरी और केंद्रपाड़ा तक पहुंचने में लगभग 12 घंटे लगेंगे। उन्होंने कहा कि इन तीनों जिलों के जिलाधिकारियों को सतर्क रहने को कहा गया है। इस बीच संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए पुरी जिले के सभी सरकारी अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। जल संसाधन विभाग के प्रमुख अभियंता भक्त रंजन मोहंती ने कहा कि छत्तीसगढ़ में ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में भारी बारिश के बाद हीराकुंड जलाशय में जल स्तर बढ़ रहा है।
हीराकुंड जलाशय में अब 610 फीट पानी है और निचली धारा में पानी का स्तर कम होने तक जलाशय से और पानी नहीं छोड़ने का निर्णय लिया गया है। श्री मोहंती ने कहा कि हालांकि अखुआपाड़ा में बैतरणी नदी में पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। बैतरणी नदी में बाढ़ से किसी तरह के नुकसान की अभी तक कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि ब्राह्मणी नदी जेनापुर में दोपहर 12 बजे खतरे के स्तर 23 मीटर के मुकाबले 22 मीटर पर बह रही थी।
एसआरसी ने कहा कि प्रशासन बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे कमजोर नदी तटबंधों पर लगातार गश्त सुनिश्चित करें और निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाएं जहां इसकी आवश्यकता है। जिला प्रशासन की मदद के लिए संवेदनशील जिलों में 8 एनडीआरएफ टीमें, 13 ओडीआरएएफ टीमें और 62 फायर और आपातकालीन टीमें तैनात की गई हैं।
ओडिशा : 481 गांव बारिश से प्रभावित
