बदायूं : उत्तर प्रदेश के बदायूं जिला अधिकारी मनोज कुमार ने शनिवार को कहा कि 09 अप्रैल से प्रारंभ हो रहे चैत्र नवरात्र त्योहार के लिए संबंधित अधिकारी सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर लें। उन्होंने कहा कि हिन्दू समुदाय के नवरात्रि पर्व पर प्रातः से ही हिन्दू श्रद्धालुओं विशेषकर, महिलाओं व बच्चों द्वारा मंदिरों में पूजा अर्चना प्रारम्भ कर दी जाती है। इस दौरान, विभिन्न परम्परागत शोभा यात्राओं इत्यादि का आयोजन होता है। 17 अप्रैल को रामनवमी की शोभायात्रा निकाली जायेगी।
जिला अधिकारी ने निर्देश दिए कि इन आयोजनों, शोभा यात्राओं तथा नवरात्र के दौरान, जनपद में कानून एवं शान्ति व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु जिन मन्दिरों में अधिक ऋद्धालुओं का आवागमन हो, वहां एक रास्ता जाने के लिए, दूसरा आने के लिये, की वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करायी जाये। उन्होंने कहा कि वाहनों को व्यवस्थित रूप से खड़ा करवाने हेतु मन्दिर के प्रबन्धकों के सहयोग से पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित करायी जाये।
उन्होंने निर्देश दिए कि नवरात्र के दौरान अपने-अपने क्षेत्रान्तर्गत इन त्योहारों पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों, शोभायात्राओं आदि की विस्तृत जानकारी प्राप्त कर ली जाये तथा थानों के त्यौहार रजिस्टर का अवलोकन कर आवश्यकतानुसार पुलिस तथा गणमान्य व संभ्रान्त व्यक्तियों के साथ शान्ति समिति की बैठकों का आयोजन कर लिया जाए।
श्री मनोज ने कहा कि धार्मिक स्थलों, महत्वपूर्ण प्रतिष्ठिान, रेल-बस स्टेशनों पर विशेष पुलिस प्रबन्ध किये जाएं तथा नगर मजिस्ट्रेट एवं सभी उप जिला मजिस्ट्रेट अपने अपने क्षेत्रों का नियमित भ्रमण करते हुए आयोजनों पर सतर्क दृष्टि रखें तथा शोभायात्राओं के आरम्भ से समाप्ति तक साथ रहकर कानून एवं शान्ति यवस्था एवं साम्प्रदायिक सद्भाव सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिये कि सभी त्यौहार परम्परागत तरीके से मनाये जाएं तथा कोई नई परम्परा न पड़ने पाये। विवादों की जानकारी प्राप्त कर उनका निराकरण समय पूर्व कर लिया जाए।
जिला अधिकारी ने शोभायात्राओं के रास्ते में पड़ने वाले अन्य सम्प्रदाय के धार्मिक स्थल आदि का चिन्हीकरण कर सभी आवश्यक व्यवस्थायें सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मन्दिरों के आस पास पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाये। असमाजिक तत्वों पर सतर्क दृष्टि रखी जाये। महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाये तथा पर्याप्त संख्या में महिला पुलिस की तैनाती की जाये।
उन्होंने निर्देश दिए कि मन्दिरों में श्रद्वालुओं की भारी संख्या के दृष्टिगत आवश्यकतानुसार बैरीकेटिंग भी कराई जाये। जनपद के समस्त अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद व नगर पंचायत अपने-अपने क्षेत्रान्तर्गत सभी मन्दिरों के आस पास प्रतिदिन सफाई व्यवस्था एवं जलापूर्ति सुनिश्चित की जाये तथा चूना डलवाया जाये।
मन्दिरों पर निरन्तर सफाई कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित की जाये। आवश्यकतानुसार वाटर टैंकर्स लगवाये जायें। यह सुनिश्चित किया जाये कि मन्दिरों के आस पास किसी भी स्थिति में जलभराव न हो। उन्होंने निर्देश दिए कि वर्तमान में आदर्श आचार संहिता जनपद में लागू होने के कारण धारा-144 लागू है और इसके तहत लगाये गये प्रतिबंधों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाए।
