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संसद में सरकार को घेरेगा विपक्ष

नई दिल्ली : संसद के शीतकालीन सत्र में विपक्ष महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्या , भारत- चीन सीमा पर स्थिति और अन्य मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है वहीं सरकार ने स्पष्ट कहा है कि वह नियम और प्रक्रियाओं के तहत सभी मुद्दों पर चर्चा कराने को तैयार है। बुधवार को शुरू होने वाले सत्र से पहले मंगलवार को बुलायी गयी सर्वदलीय बैठक में विपक्ष के तेवरों को देखते हुए शीतकालीन सत्र के खासा हंगामेदार रहने की संभावना है।
बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने संवाददाताओं को बताया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता तथा राज्यसभा में नेता सदन पीयूष गाेयल की मौजूदगी में करीब ढाई घंटे तक चली बैठक में संसद को सुचारू ढंग से चलाने के बारे में विस्तार से बातचीत हुई। विपक्ष की ओर से 31 दलों ने बैठक में हिस्सा लिया तथा अपनी ओर से सुझाव दिये। उन्होंने कहा कि सरकार विपक्ष के सभी सुझावों का संज्ञान लेगी और इन पर कार्य मंत्रणा समिति में विचार किया जायेगा। उन्होंने विपक्ष को आश्वस्त किया कि सरकार नियम तथा प्रक्रियाओं के अनुसार और लोकसभा अध्यक्ष तथा राज्यसभा के सभापति की अनुमति से सभी मुद्दों पर चर्चा कराने के लिए तैयार है।
लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि उनकी पार्टी ने बैठक में महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्या, भारत-चीन सीमा पर स्थिति, केन्द्रीय एजेन्सियों के दुरूपयोग तथा केन्द्र और न्यायपालिका के बीच टकराव के मुद्दों पर चर्चा की मांग को उठाया। उन्होंने कहा कि पार्टी संसद में इन मुद्दों को जोर शोर से उठायेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने शीतकालीन सत्र की तारीख तय करते हुए क्रिसमस के पर्व का ध्यान नहीं किया।
श्री जोशी ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि दो राज्यों में विधानसभा चुनाव थे उन्हें ध्यान में रखकर सत्र 7 दिसम्बर से सत्र बुलाया गया है जो 29 दिसम्बर तक चलेगा। बीच में रविवार को क्रिसमस है उससे एक दिन पहले शनिवार को भी बैठक नहीं है इस दौरान हम सब क्रिसमस मनायेंगे। उन्होंने कहा कि क्रिसमस के लिए दो दिन की छुट्टी है और यदि विपक्ष ज्यादा ही आग्रह करता है तो 26 तारीख की छुट्टी के बारे में भी कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में विचार किया जायेगा लेकिन फिर इसकी भरपाई के लिए बाद में एक दिन बैठना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह नहीं होना चाहिए कि सदन चलाना ही नहीं है। उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों में जहां विपक्ष की सरकार है वहां काम चलता है या नहीं चलता है।
असम गण परिषद के वीरेन्द्र कुमार वैश्य ने कहा कि उन्होंने बैठक में पूर्वोत्तर में मादक पदार्थों की समस्या तथा भारत-चीन सीमा पर स्थिति पर चर्चा कराने की मांग की। बीजू जनता दल के सस्मित पात्रा ने महिला आरक्षण विधेयक को पारित कराने की मांग की। तृणमूल कांग्रेस के सुदीप बंदोपाध्याय तथा डेरेक ओ ब्रायन ने राज्य सरकारों को अस्थिर किये जाने तथा बदले की राजनीति का मुद्दा उठाने की बात कही। सरकार शीतकालीन सत्र के दौरान 16 नये विधेयक लाने की तैयारी में है वहीं विपक्ष ने कुछ विधेयकों पर एतराज जताते हुए कहा है कि इन्हें जल्दबाजी में नहीं लाया जाना चाहिए।

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