लखनऊ : गुजरात के मोरबी में ब्रिज टूटने से हुए हादसे के बाद प्रदेश में कराए गए पुलों के सर्वे में छह पुल खतरनाक स्थिति में पाए गए हैं। इन पुलों की मरम्मत का आदेश दिया गया है। चार पुलों की मरम्मत के लिए बजट जारी कर दिया गया है। खतरनाक स्थिति में पहुंच चुके दो अन्य पुलों की मरम्मत के लिए बजट का प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजा गया है। मोरबी की घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में स्थित समस्त पुलों की सुरक्षा जांच करते हुए रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए थे।
लोक निर्माण विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक इस सर्वे में राज्य में 25 पुल मरम्मत के योग्य पाए गए हैं। इनमें से छह ऐसे हैं जिनकी मरम्मत तत्काल कराया जाना आवश्यक है। अन्य पुलों की मरम्मत का काम किया जाना जरूरी है लेकिन तात्कालिक तौर पर वे खतरनाक स्थिति में नहीं हैं।
लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव नरेंद्र भूषण ने बताया है कि तत्काल मरम्मत की श्रेणी में चिन्हित किए गए छह में से चार पुलों की मरम्मत का बजट जारी कर दिया गया है। शेष दो पुलों की मरम्मत के लिए बजट जल्द जारी हो जाएगा। इसकी फाइल तैयार कर वित्त विभाग के पास स्वीकृति के लिए भेजी जा चुकी है। अन्य 19 पुलों की मरम्मत कराने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है।
इस सर्वे में सेतु निगम ने कुल 5283 पुलों (सेतुओं) की जांच की। जिसमें 4945 पक्के पुल, 294 निर्माणाधीन पक्के पुल और 44 पांटून पुल शामिल हैं। इनमें से जो 25 पुल असुरक्षित पाए गए हैं वह मेरठ, चंदौली, मिर्जापुर, प्रतापगढ़, आगरा, वाराणसी, जौनपुर, शाहजहांपुर, बरेली और मुरादाबाद जिले में हैं।
बरेली जिले के परसापुर में स्थित रेल उपरिगामी सेतु की मरम्मत के लिए 4.88 करोड़ तथा मुरादाबाद-फर्रूखाबाद मार्ग पर स्थित पुल की मरम्मत के लिए 1.01 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। 40 लाख रुपये तक के प्रस्ताव विभाग मुख्यालय स्तर से जारी किए जा रहे हैँ।
पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता (सेतु) अशोक कुमार अग्रवाल ने बताया है कि तत्काल मरम्मत वाले छह पुलों पर भारी वाहनों का आवागमन रोक दिया गया है। इन छह के अलााव शेष 19 पुलों की मरम्मत का प्रस्ताव भी क्षेत्र से मांगा गया है। प्रस्ताव आने के साथ ही सभी पुलों की मरम्मत के लिए बजट जारी किया जाएगा।
