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उत्तराखंड के जंगलों में आग का तांडव

आग बुझाने के लिए हेलीकॉप्टर की सेवा ली

नैनीताल : उत्तराखंड के वनों में आग लगने की घटनाएं लगातार बढ़ रही है। राज्य में अभी तक 689.89 हेक्टेयर जंगल आग की भेंट चढ़ चुका है। इससे वन विभाग को लाखों का नुकसान हुआ है। नैनीताल में आग बुझाने के लिए वायु सेना के हेलीकॉप्टर को लगाया है। वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार रात तक पूरे प्रदेश के जंगलों में आग लगने की 575 घटनायें सामने आ चुकी हैं। आग लगने से कुल 689.89 हेक्टेयर क्षेत्रफल जल कर राख हो चुका है। इससे वन विभाग को 14,41,771 रुपये का नुकसान हुआ है।
वनाग्नि की सबसे अधिक 405 घटनायें आरक्षित वन क्षेत्र में हुई हैं। आरक्षित वन क्षेत्र में 478.29 हेक्टेयर क्षेत्रफल आग की भेंट चढ़ चुका है। इसी प्रकार सिविल वन क्षेत्र में 170 घटनायें प्रकाश में आयी हैं। इसमें 211.6 हेक्टेयर वन खाक हो गया है।
आग से कुमाऊं मंडल खासा प्रभावित है। गढ़वाल मंडल में कल शाम तक 211 जबकि कुमाऊं मंडल में 313 घटनायें दर्ज की गयी हैं। कुमाऊं मंडल में 395.92 हेक्टेयर क्षेत्रफल वनाग्नि की भेंट चढ़ गया है। वन विभाग की ओर से दी गयी जानकारी के अनुसार कुमाऊं मंडल में 8.30 लाख का नुकसान हुआ है।
प्रदेश में पिछले 24 घंटे में आग की 31 घटनायें सामने आयीं। इस दौरान कुमाऊं मंडल में 24 घटनायें दर्ज की गयीं। यहां भी सबसे अधिक आरक्षित वन क्षेत्र प्रभावित हुआ है। नैनीताल में कल देर शाम को पाइंस क्षेत्र में वनाग्नि ने भीषण रूप ले लिया। आग लड़ियाकांटा क्षेत्र में एयर फोर्स स्टेशन तक पहुंच गयी। स्टेशन को बचाने के लिये केन्द्र सरकार से मदद की गुहार लगायी गयी। केन्द्र सरकार से नौ सेना के हेलीकाॅप्टर की मांग की गयी।
केन्द्र सरकार की ओर से नौ सेना का एमआई-17 हेलीकाप्टर को कल ही मौके पर भेज दिय गया। आज दिन भर हेलीकाप्टर आग बुझाने में जुटा रहा। उसने भीमताल से पानी भरने के लिये कई चक्कर लगाये। दूसरी ओर सरकार भी वनाग्नि की घटनाओं से हलकान है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आग की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए आज शाम हल्द्वानी में एक बैठक बुलाई है। दूसरी ओर से कुमाऊं आयुक्त ने मंडल में आग लगाने वालों के खिलाफ मुकदमे दर्ज करने के निर्देश दिये हैं। इसके बाद कुमाऊं में तीन लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किये गये हैं।

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