अमेठी : उत्तर प्रदेश के अमेठी में गो आश्रय स्थल में हुयी गोकशी के मामले में पांचवें दिन भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से आक्रोश बढ़ने लगा है।
संवेदनशील घटना में पुलिस की कार्य शैली से खफा लोगों ने दोषियों को फांसी की सजा की मांग की है। पुलिस ने जगदीशपुर थाना क्षेत्र के मरौचा तेतारपुर में गोकशी के मामले में पांच दिन पूर्व ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव के ऊपर मुकदमा दर्ज किया था। तेतारपुर गांव स्थित गौ आश्रय स्थल के निकट तीस जनवरी को गौकशी होने की घटना की सूचना गांव के चौकीदार ने उच्चाधिकारियों को दी थी जिसके चलते दो फरवरी की रात जिलाधिकारी राकेश कुमार मिश्रा पुलिस अधीक्षक डॉ इलामारन जी व मुख्य विकास अधिकारी सान्या छाबड़ा ने पुलिस टीम के साथ गांव में जांच पड़ताल की जहां गोवंश व अवशेष मिले थे। तब पुलिस ने जेसीबी से गड्ढा खुदवाकर अवशेष को दफन करवाया था गाँव के चौकीदार की तहरीर पर पुलिस ने प्रधान दिनेश मौर्य व ग्राम विकास अधिकारी अखिलेश गौतम के खिलाफ गौवध निवारण अधिनियम की धारा में मुकदमा दर्ज किया था।
पुलिस इस मामले में अब तक दर्जनों लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर चुकी है। सामाजिक कार्यकर्ता अल्लू मियां ने कहा कि इस तरह की घटना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। मामले की सघनता से जांच होनी चाहिए जो भी दोषी पाए जाएं उनको कठोर से कठोर सजा मिलनी चाहिए।
पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस जिस तरीके से निर्दोष लोगों को ले जा रही है।
गोकशी के आरोपियों की गिरफ्तारी ना होने से आक्रोश
