लखनऊ : उत्तर प्रदेश में अवैध खनन और ओवर लोडिंग पर लगाम कसी जायेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नाराज़गी के बाद भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग की निदेशक डॉ. रोशन जैकब ने प्रदेश में अवैध खनन और ओवर लोडिंग पर प्रभावी कदम उठाये हैं। ऐसे में फ़िक्स बॉडी के वाहनों में ही खनिजों में परिवहन करने के निर्देश दिये गये हैं।
उप खनिजों की ओवर लोडिंग के मामले आने के बाद खनन विभाग ने निर्णय लिया कि अब फिक्स बाडी के वाहनों में ही उप खनिजों (बालू, मोरम, गिट्टी आदि) का परिवहन होगा। इसके अलावा बिना मैप्ड माइन टैग एवं और बिना परिवहन पास के खनिजों का परिवहन किसी भी दशा में नहीं होने दिया जाएगा। यह भी निरीक्षण में सामने आया है कि वाहनों के परिवहन पास के खनन स्थल (हमीरपुर / जालौन) से अधिक दूरी के गन्तव्य स्थल दर्शाकर पास में परिवहन अवधि बढ़ाकर जारी कराया जा रहा। ऐसे में परिवहन पास में अब अनुमानतः दूरी /दायरा/अवधि भी तय की जायेगी।
खनिजों के अवैध परिवहन /ओवरलोडिंग पर प्रभावी नियंत्रण के लिये भूतत्व एवं खनिकर्म की निदेशक के नेतृत्व में निदेशालय के 20 सदस्यीय जाँच दल द्वारा 27 जून को जालौन में जोल्हूपुर मोड़, उरई – चिकासी मार्ग पर डकोर तथा बुन्देलखण्ड एक्स्प्रेसवे पर औरैया एवं इटावा आदि क्षेत्रों में खनिजों का परिवहन करने वाले लगभग 250 वाहनों की जाँच की गयी।
जाँच के दौरान अधिकांश वाहन सिक्योरिटी पेपर सहित केपरिवहन पास के साथ अनुमन्य मात्रा के सापेक्ष खनिजों का परिवहन करते पाये गये।साथ ही वाहन बिना परिवहन पास के खनिजों का परिवहन करते पाये गये, जिसका ऑनलाइन चालान किया गया। जाँच के दौरान कुछ वाहनों में माइन टैग नही लगे थे तथा कुछ वाहनों में माइन टैग लगे थे, मगर वाहनों से मैप्ड नही थे ।
विभाग की निदेशक ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि 1 जुलाई से बिना मैप्ड माइन टैग एवं बिना खनिजों के परिवहन पास के वाहनों का परिवहन रोका जाये। जाँच के दौरान यह भी देखा गया कि वाहनों के परिवहन पास में खनन स्थल (हमीरपुर/जालौन) से अधिक दूरी के गन्तव्य स्थल को दर्शाकर पास में परिवहन अवधि बढ़ाकर जारी कराया जा रहा। इस प्रकार के परिवहन पास के आधार पर कम दूरी के जनपदों में एक से अधिक बार खनिज का परिवहन करने का प्रयास किया जाता है, जिसे नियंत्रित करने के लिये समस्त जिलाधिकारियों को आदेश दिये गये।
उप खनिजों की ओवर लोडिंग पर कसी जायेगी लगाम
