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संसद 140 करोड़ नागरिकों का मंदिर है

मुंबई : देवेंद्र फडनवीस ने संसद के नए भवन के उद्घाटन का बहिष्कार करने वाले विपक्षी दलों पर कटाक्ष करते हुए गुरुवार को कहा कि कांग्रेस और अन्य दलों का लोकतंत्र में बहुत कम विश्वास है। फडनवीस ने कहा कि संसद सिर्फ एक इमारत नहीं है, बल्कि 140 करोड़ नागरिकों की आस्था का मंदिर है। उन्होंने कहा कि नई संसद नए भारत की शक्ति का प्रतीक है और यह महज तीन से चार साल में बनकर तैयार हुई है। उन्होंने ने अतीत की घटनाओं को याद करते हुए सवाल किया कि जब श्री जवाहर लाल नेहरू ने कर्नाटक विधानसभा का उद्घाटन किया तो बहिष्कार का मुद्दा क्यों नहीं उठा। उन्होंने कहा कि जब इंदिरा गांधी ने संसद भवन या महाराष्ट्र विधान भवन का उद्घाटन किया या जब राजीव गांधी ने संसद पुस्तकालय का उद्घाटन किया या बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार विधानसभा के सेंट्रल हॉल का उद्घाटन किया तब भी किसी ने बहिष्कार की बात क्यों नहीं की।
उन्होंने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने जब मणिपुर में नयी विधानसभा का उद्घाटन किया था, तब राज्यपाल को निमंत्रण भी नहीं दिया गया था। इसी तरह असम के तत्कालीन मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने जब असम विधानसभा का भूमिपूजन किया था तो राज्यपाल को आमंत्रित नहीं किया गया था। उन्होंने कहा कि वर्ष 2018 में आंध्र विधानसभा का भूमिपूजन मुख्यमंत्री द्वारा किया गया था, लेकिन राज्यपाल को आमंत्रित नहीं किया गया था। उन्होंने कहा कि विपक्ष को इन सभी मौकों पर बहिष्कार की याद क्यों नहीं आई।
अगर विपक्ष ने जो किया वह लोकतंत्र जैसा था तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब देश की नई संसद का उद्घाटन करने जा रहे हैं तो इतना शोर क्यों मचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ये पार्टियां सत्ता और कुर्सी के लालच में एकजुट हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास नेता और नीति नहीं है, इसलिए अनावश्यक मुद्दे उठा रहे हैं।

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