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पटेल ने वडोदरा को दी 507.94 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात

गांधीनगर : भूपेंद्र पटेल ने वडोदरा जिले के नागरिकों को दिवाली से पहले 507.94 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की शनिवार को सौगात दी है।
श्री पटेल ने इस अवसर पर कहा कि जन सुविधाओं के विस्तार के लिए राज्य सरकार के पास धन की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि एक समय जल की कमी वाले राज्य के रूप में पहचाने जाने वाले प्रदेश ने जल क्रांति के माध्यम से वाटर सिक्योर्ड स्टेट यानी जल सुरक्षित राज्य का गौरव हासिल किया है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दिखाई गई विकास की राह पर आगे बढ़ने के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है। वह वडोदरा जिले की सावली तहसील के कनोड़ा गांव में 507.94 करोड़ रुपए के विकास कार्यों के शिलान्यास और लोकार्पण अवसर पर बोल रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री मोदी के मार्गदर्शन में गुजरात विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। एक समय ऐसा भी था जब गुजरात में पानी की जबरदस्त किल्लत थी। घर की माता-बहनों को पानी के लिए सिर पर घड़ा रखकर दूर-सुदूर तक भटकना पड़ता था। उन्होंने नर्मदा आधारित सौनी योजना और सुजलाम सुफलाम योजना के जरिए इस समस्या का निराकरण किया।
श्री पटेल ने सावली तहसील के कनोड़ा-पोइचा गांव में नर्मदा, जल संसाधन, जलापूर्ति और कल्पसर विभाग द्वारा 412 करोड़ रुपए से अधिक के खर्च से आकार लेने वाले महिसागर वियर के कार्य का शिलान्यास किया। इस परियोजना से सावली तहसील के 34 गांवों तथा उमरेठ तहसील के 15 गांवों को लाभ मिलेगा। सावली नगर और आसपास के 40 गांवों की लगभग 77 हजार की आबादी के लिए पेयजल और सिंचाई के पानी की उपलब्धता आसान हो जाएगी। इस वियर से 49 गांवों के लगभग 490 से अधिक कुएं रिचार्ज होंगे। इसके अलावा, उन्होंने 210 कार्यों का लोकार्पण तथा 257 कार्यों का शिलान्यास किया। जिनमें सावली एसटी डिपो के वर्कशॉप का शिलान्यास भी शामिल है।
पानी को पारसमणि और प्रभु का प्रसाद समझने के प्रधानमंत्री के आह्वान का उल्लेख करते हुए श्री पटेल ने कहा कि उन्होंने गुजरात में पंचामृत शक्ति आधारित वैश्विक विकास की नींव रखी थी और इस पंचशक्ति आधारित विकास की नींव में जल शक्ति और जन शक्ति निहित हैं। इन दोनों शक्तियों को जोड़कर गुजरात को पानीदार राज्य बनाया गया है। करीब 69 हजार किलोमीटर लंबे कैनाल नेटवर्क से नर्मदा का पानी घर-घर तक पहुंचाया गया है। इसी तरह जल संचय के अनेक कार्य किए गए हैं। बरसाती पानी के संग्रहण के लिए हम ‘गांव का पानी गांव में और खेत का पानी खेत में’ के आधार पर काम कर रहे हैं।
इस संदर्भ में राज्य सरकार के जल संचय अभियान की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस राज्यव्यापी अभियान के तहत चेकडैमों और बोरीबांधों से गाद निकाली गई है। नदी-नालों की सफाई की गई है। इस भगीरथ प्रयास के कारण जल संग्रहण क्षमता में 11,523 लाख घन फुट की वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि गुजरात की जल क्रांति के परिणामस्वरूप राज्य के घर-घर में नल से जल पहुंचा है। लाखों किसानों के खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंचा है। इतना ही नहीं, सिंचित क्षेत्र में भी वृद्धि हुई है।
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा प्रेरित स्वच्छता अभियान से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि हम सभी को स्वच्छता को अपना संस्कार और स्वभाव बनाना चाहिए। उनके सफल एवं कुशल नेतृत्व के 23 वर्ष पूरे होने के अवसर पर गुजरात में मनाए गए ‘विकास सप्ताह’ का उल्लेख किया और गर्व के साथ कहा कि श्री मोदी ने गुजरात को विकास का रोल मॉडल बनाया है। उन्होंने 2047 तक देश को विकसित राष्ट्र बनाने के महाअभियान में गुजरात की अग्रणी भूमिका को लेकर प्रतिबद्धता भी व्यक्त की।
जल संसाधन और जलापूर्ति मंत्री कुंवरजीभाई बावलिया ने इस क्षेत्र के लोगों का स्वप्न साकार करने के लिए मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल के प्रति आभार व्यक्त किया। सावली में 10 मीटर की ऊंचाई और 720 मीटर चौड़ाई वाले पोइचा-कनोड़ा वियर योजना से वडोदरा, आणंद और खेड़ा जिले के सावली, डेसर, ठासरा और उमरेठ तहसील के लोगों को पेयजल और सिंचाई सुविधा का लाभ मिलेगा। यही नहीं, इससे जल संग्रहण करने और भूगर्भ जल स्तर को ऊंचा उठाने में भी मदद मिलेगी।
श्री बावलिया ने गुजरात में पानी से संबंधित विभिन्न योजनाएं शुरू करने के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी का विशेष आभार व्यक्त किया और कहा कि उनके मार्गदर्शन में गुजरात के मुख्यमंत्री बरसाती पानी का अधिकतम संग्रह करने के उद्देश्य के साथ राज्य में विभिन्न योजनाएं लागू कर रहे हैं। तालाब, चेकडैम, बोर और कुओं को रिचार्ज करने के साथ ही वियर को गहरा कर भूमिगत जल स्तर को ऊंचा उठाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि सिंचाई तथा जल संसाधन विभाग को दिए गए बजट में वित्तीय प्रावधान की राशि को छह हजार करोड़ रुपए से बढ़ाकर 10 हजार करोड़ रुपए कर दिया गया है। उन्होंने विभिन्न सिंचाई योजनाओं के कार्यान्वयन के लिए निर्धारित राशि में वृद्धि के लिए मुख्यमंत्री के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया।
विधायक केतनभाई इनामदार ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल गुजरात के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार प्रयासरत हैं। सावली और डेसर क्षेत्र के लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हुए उन्होंने वियर बनाने की मंजूरी दी है। इसके अलावा, उन्होंने मंजुसर में कामदार राज्य बीमा हॉस्पिटल और सावली में सब डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल बनाने की भी मंजूरी दी है। अब मही नदी में वियर बनने से सावली, डेसर, उमरेठ और ठासरा तहसील के गांवो में सिंचाई और पीने का पानी आसानी से उपलब्ध होगा।
कार्यक्रम में सांसद डॉ. हेमांगभाई जोशी, विधानसभा में मुख्य सचेतक बालकृष्णभाई शुक्ल, विधायक योगेशभाई पटेल, शैलेषभाई मेहता, मनीषाबेन वकील, अक्षयभाई पटेल, धर्मेंद्रसिंह वाघेला, जिला पंचायत अध्यक्ष गायत्रीबा महिडा, पदाधिकारी हर्षदभाई पटेल, गीताबेन सोलंकी, सुरपालसिंह परमार, जल संसाधन सचिव पी.सी. व्यास, कलेक्टर बिजल शाह, जिला विकास अधिकारी ममता हीरपरा, मुख्य अभियंता और अपर सचिव एम.पी. पटेल सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

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