गौरवशाली भारत

देश की उम्मीद ‎‎‎ ‎‎ ‎‎ ‎‎ ‎‎

पटेल ने इंडियन प्लम्बिंग सम्मेलन का किया उद्घाटन

अहमदाबाद : भूपेंद्र पटेल ने इंडियन प्लम्बिंग एसोसिएशन (आईपीए) के 29वें सम्मेलन का गुरुवार को यहां उद्घाटन करते हुए कहा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में गुजरात नेट जीरो की दिशा में स्थिर गति से आगे बढ़ रहा है। पटेल ने कहा कि गुजरात में ग्रीन बिल्डिंग और उसके जीरो डिस्चार्ज की व्यवस्था विकसित हुई है। उनके द्वारा पानी को परमेश्वर का प्रसाद मानकर उसके विवेकपूर्ण उपयोग के लिए दी गई सीख का अनुसरण करते हुए अब हमें ‘नेट जीरो वाटर इन बिल्ट एनवायरनमेंट’ (निर्मित पर्यावरण में शुद्ध शून्य जल) की दिशा में आगे बढ़ना है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस तीन दिवसीय सम्मेलन में होने वाली चर्चा और उससे निकलने वाले निष्कर्ष सरकार के लिए उपयोगी साबित होंगे। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने ‘मिशन लाइफ’ (लाइफस्टाइल फॉर एनवायरनमेंट) के माध्यम से हमारे रोजमर्रा के जीवन में भी पानी और बिजली बचाने तथा पर्यावरण अनुकूल जीवन शैली अपनाने का विचार दिया है।
पटेल ने कहा कि हाल ही में प्रधानमंत्री ने सूरत में जिस डायमंड बोर्स की विश्व स्तरीय इमारत का उद्घाटन किया था, वह भी जीरो डिस्चार्ज तकनीक का बेहतरीन उदाहरण है। प्रधानमंत्री की दूरदर्शिता से गुजरात ने तो जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के आयोजन, जी20 की सफलता और रण क्षेत्र में स्थित धोरडो जैसे छोटे गांव को दुनिया का सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव बनाने जैसी उपलब्धियां हासिल की हैं।
मुख्यमंत्री ने इस बात का उल्लेख करते हुए कहा कि आज दुनिया के विकसित देश भी भारत की क्षमता और उसके सामर्थ्य को ध्यान से देख रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री ने यह दिखाया है कि दूरदर्शी नेतृत्व वाला एक व्यक्ति कैसे बड़े बदलाव ला सकता है। यह बिल्डरों, उद्योगपतियों और प्लम्बिंग सेक्टर से जुड़े व्यापारियों सहित सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है कि पानी की एक बूंद भी बर्बाद न हो और उपलब्ध पानी का विवेकपूर्ण उपयोग सुनिश्चित हो। नल से टपकने वाली एक-एक बूंद को रोककर वर्ष के दौरान हजारों लीटर पानी बचाया जा सकता है।
सहकारिता और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) राज्य मंत्री जगदीश विश्वकर्मा ने इस अवसर पर कहा कि आज गुजरात वर्षा जल को बचाने और जल संचयन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहा है, जिसका श्रेय प्रधानमंत्री मोदी को जाता है। उन्होंने कहा कि जब दुनिया के केवल तीन देशों में ही जलवायु परिवर्तन विभाग कार्यरत थे, उस समय श्री मोदी ने गुजरात में एक अलग जलवायु परिवर्तन विभाग शुरू किया था। जब वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री ने कार्यभार संभाला था, तब देश में केवल 14 फीसदी घरों में ही नल कनेक्शन थे। लेकिन उनके सफल नेतृत्व में आज गुजरात सहित देश के ज्यादातर लोगों के घरों में पेयजल नल कनेक्शन पहुंचा दिया गया है।
विश्वकर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री पटेल के मार्गदर्शन में गुजरात में तालाबों को एक-दूसरे के साथ जोड़ने (इंटरलिंक) का काम चल रहा है। मुख्यमंत्री ने आईटीआई जैसे संस्थानों में वाटर प्लम्बिंग का पाठ्यक्रम शुरू करने का सुझाव भी दिया था। यहां आयोजित राष्ट्रीय प्लम्बिंग सम्मेलन में जो भी इंजीनियर एवं गणमान्य लोग उपस्थित हैं, वे सभी इस क्षेत्र में विशेषज्ञ हैं। राज्य मंत्री ने उन्हें पानी बचाने और भविष्य में लोगों को शुद्ध पानी उपलब्ध कराने की दिशा में उनके सार्थक प्रयासों के लिए शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बी.ओ. प्रसन्न कुमार को ‘आईपीए लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड-2023’ प्रदान किया। इसके साथ ही, उन्होंने उल्लेखनीय योगदान के लिए ‘डिस्टिंग्विश पार्टनर अवॉर्ड’ भी दिए। कार्यक्रम में अहमदाबाद की महापौर श्रीमती प्रतिभा जैन, इंडियन प्लम्बिंग एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरमीत सिंह अरोरा, एचसीपी डिजाइन, प्लानिंग और मैनेजमेंट के निदेशक और विख्यात वास्तुकार बिमल पटेल, आईपीए-अहमदाबाद के चेयरमैन मिनेश शाह सहित प्लम्बिंग उद्योग से जुड़े इंजीनियर और उद्योगपति तथा क्षेत्र के विशेषज्ञ मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *