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पटेल ने अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव-2024 का किया शुभारंभ

गांधीनगर : भूपेंद्र पटेल ने रविवार को अहमदाबाद के साबरमती रिवरफ्रंट में अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव-2024 का शुभारंभ किया। पटेल ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शी सोच एवं विजनरी लीडरशिप के परिणामस्वरूप उद्योग-व्यापार के विकास के जरिए भारत की अर्थव्यवस्था एक नई ऊंचाई पर पहुंच रही है। उनके दूरदर्शी नेतृत्व में देश के विकास की पतंग आकाश में ऊंची उड़ान भर रही है। अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव-2024 का आयोजन सात से 14 जनवरी के दौरान अहमदाबाद में साबरमती रिवरफ्रंट, वल्लभ सदन में किया गया है। इस महोत्सव में 55 देशों के 153 अंतरराष्ट्रीय पतंगबाज, 12 राज्यों के 68 राष्ट्रीय पतंगबाज और गुजरात के 23 शहरों के 865 पतंगबाजों ने हिस्सा ले रहे हैं। ये पतंगबाज आकाश में विभिन्न आकार एवं डिजाइन की पतंगे उड़ाकर लोगों का ध्यान आकर्षित करेंगे।
अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव में शिरकत कर रहे हैं: 55 देशों के 153 पतंगबाज अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव के अंतर्गत आयोजित पतंग प्रतियोगिता में 55 देशों के 153 पतंगबाज हिस्सा ले रहे हैं। इसके अंतर्गत अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, बहरीन, बेलारूस, बेल्जियम, ब्राजील, बुल्गीरिया, कंबोडिया, चिली, कोलंबिया, कोस्टा रिका, डेनमार्क, एस्टोनिया, फ्रांस, जॉर्जिया, जर्मनी, ग्रीस, हंगरी, इंडोनेशिया, इराक, इजरायल, इटली, जापान, जॉर्डन, रिपब्लिक ऑफ कोरिया, लेबनान, लिथुआनिया, मलेशिया, माल्टा, मॉरीशस, मेक्सिको, मोरक्को, नेपाल, नीदरलैंड, ओमान, फिलीपींस, पोलैंड, पुर्तगाल, रोमानिया, रशिया, सऊदी अरब, सिंगापुर, स्लोवाकिया, स्लोवेनिया, दक्षिण अफ्रीका, स्पेन, श्रीलंका, थाइलैंड, ट्यूनीशिया, तुर्की, यूक्रेन, यूनाइटेड किंगडम, संयुक्त राज्य अमेरिका और वियतनाम जैसे देशों के प्रतिस्पर्धी पतंग स्पर्धा में हिस्सा ले रहे हैं।
बारह राज्यों के 68 पतंगबाज लड़ाएंगे पेंच: अंतराष्ट्रीय पतंग महोत्सव के तहत आयोजित पतंग प्रतियोगिता में देश के 12 राज्यों के 68 पतंगबाज पेंच लड़ाएंगे। जिनमें बिहार, दिल्ली, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम, तमिलनाडु, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश के पतंगबाज शामिल हैं।
गुजरात के 23 शहरों के 865 पतंगबाज लेंगे हिस्सा: अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव में गुजरात के 23 शहरों के 865 पतंगबाज हिस्सा ले रहे हैं। इनमें अहमदाबाद, अमरेली, आणंद, भरूच, भावनगर, कच्छ, बोटाद, गांधीनगर, जसदण, जूनागढ़, खेड़ा, लुवारा, मोटा भाडिया, नवसारी, ओड, पाटण, राजकोट, राणपुर, साबरकांठा, सावरकुंडला, सूरत, थानगढ़ और वडोदरा के पतंगबाज शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने साबरमती के तट से तिरंगे गुब्बारे को आकाश में छोड़कर अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव-2024 का शानदार प्रारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि गुजरात के सर्वांगीण विकास की पतंग को विश्व के आकाश में उड़ान देने की दीर्घदृष्टि के साथ देश के प्रधानमंत्री और गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने दो दशक पहले वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट की शुरुआत की थी। इस समिट का 10वां संस्करण अगले सप्ताह से शुरू होने जा रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री ने ‘प्रो पीपुल दृष्टिकोण’ की एक ऐसी परंपरा विकसित की है, जिसमें जनसाधारण को आर्थिक प्रगति का लाभ मिले तथा आय वृद्धि और रोजगार सृजन से गुजरात की प्रगति बढ़ती रहे। अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री और मौजूदा प्रधानमंत्री श्री मोदी ने उत्तरायण के लोकप्रिय पतंग पर्व को अनूठे विजन के साथ दुनिया में प्रसिद्धि दिलाते हुए प्रतिवर्ष इंटरनेशनल काइट फेस्टिवल मनाने की दिशा दी है। उन्होंने कहा कि आज गुजरात का यह पतंग महोत्सव दुनिया भर में प्रसिद्ध हो गया है। प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले इस लोकप्रिय उत्सव में हिस्सा लेने के लिए देश-विदेश से पतंगबाज आते हैं, यह इस उत्सव की सफलता का प्रमाण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री ने 5-टी यानी टैलेंट, ट्रेडिशन, टूरिज्म, ट्रेड और टेक्नोलॉजी के विनियोग से गुजरात के सर्वांगीण विकास का अनूठा विजन दिया है। प्रधानमंत्री के इस विजन को सार्थक करने के लिए हमने जनभागीदारी के माध्यम से उत्सव के सभी आकर्षणों में 5-टी को जोड़कर विकास की एक नई राह बनाई है। उन्होंने गुजरात के विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि वाइब्रेंट नवरात्रि महोत्सव हो या अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव, गुजरात ने लोगों को सदैव अपनी संस्कृति और सामर्थ्य की अनुभूति कराई है। ऐसे आयोजन राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाते हैं। इतना ही नहीं, छोटे-मोटे व्यवसाय के जरिए रोज कमाने-खाने वाले लोगों की आर्थिक स्थिति भी सुधरती है तथा अन्य संबद्ध रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होती है।

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