चेन्नई : कई देशों में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के मद्देनजर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने लोगों से कहा कि उन्हें घबराने की जरुरत नहीं हैं क्योंकि सरकार ने कोरोना के बढ़ती लहर को रोकने के लिए ऐहतियाती कदम उठाए हैं। एक आधिकारिक विज्ञप्ति में बताया गया कि श्री स्टालिन ने राज्य सचिव के साथ बैठक की और कोविड के बढ़ते मामलों को नियंत्रित करने जैसे विषय पर चर्चा की। राज्य में कोरोना के दैनिक सक्रिय मामले पांच हैं। विज्ञप्ति में सरकार से अस्पतालों में पर्याप्त बेड, दवाइयां, ऑक्सीजन और परीक्षण की सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है।
चिकित्सा अधिकारियों को होल जीनोम करने की सलाह दी गई है। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्वास्थ विभाग के अधिकारियों को सलाह दी कि वे कोविड महामारी को नियंत्रित करने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया को लागू करें। उन्होंने अधिकारियों को सलाह दी कि वे कोविड लक्षण वाले यात्रियों का तत्काल उपचार कराएं और अंतराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर एसओपी का पालन करें।
जनस्वास्थ्य निदेशक टी.एस. सेल्वविनायगम कोविड संबंदी दिशा-निर्देश मांगने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को पत्र लिखा है और इसमें अंतरराष्ट्रीय यात्रियों का परीक्षण अनिवार्य रूप से कराना है।
विज्ञप्ति में उन्होंने पिछले दिशानिर्देशों को दोहराया है, जिससे कोरोना महामारी को लेकर एहतियाती बरतने संबंधी उपाय थे।
उन्होंने बताया कि विश्व स्वास्थ संगठन ने इसकी पुष्टि की। तमिलनाडु में पिछले एक सप्ताह में कोविड -19 संक्रमण से किसी भी मरीज की मौत नहीं हुई है। यहां अभी भी कोरोना के 49 सक्रिय मामले मौजूद हैं। तमिलनाडु में कोरोना महामारी की शुरूआत से अब तक 97 प्रतिशत वालों को पहली डोज और 92 प्रतिशत वालों को दूसरी डोज लगायी जा चुकी हैं। राज्य में कुल मिलाकर 12.74 करोड़ डोज दी जा चुकी है।
