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‘प्रज्वल को कानून का सामना करने के लिए पकड़ लिया जायेगा’

बागलकोट (कर्नाटक) : सिद्दारमैया ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि हासन के मौजूदा सांसद एवं पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा के पोते प्रज्वल रेवन्ना पर दुष्कर्म का गंभीर आरोप है और कानून का सामना करने के लिए उन्हें सामने आना होगा। सिद्दारमैया ने आज यहां पत्रकारों से कहा, “उनके ठिकाने की परवाह किए बिना श्री रेवन्ना को पकड़ लिया जाएगा और भारत में न्याय का सामना करने के लिए वापस लाया जाएगा।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि श्री रेवन्ना के खिलाफ मामला यौन उत्पीड़न से ऊपर है और यह दुर्षकर्म का गंभीर अपराध है।
उन्होंने श्री रेवन्ना पर एक विवाहित महिला द्वारा लगाए गए दुष्कर्म के आरोपों की गंभीरता पर प्रकाश डालते हुए कहा, “पीड़िता की गवाही अदालत में मायने रखती है। अगर उसने झूठा दावा किया है, तो उसका जीवन बर्बाद हो जाएगा। ”रिपोर्ट्स के मुताबिक, विशेष जांच दल (एसआईटी) ने श्री प्रज्वल के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 376 (2) एन (बार-बार दुष्कर्म ), 506 (आपराधिक धमकी), 354 (ए) ( 1) (यौन उत्पीड़न, यौन संबंधों की मांग करना), 354 (बी) (एक महिला पर आपराधिक बल का प्रयोग), और 354 (सी) (ताक-झांक) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
गैरतलब है कि सोशल मीडिया में कई वीडियो सामने आए हैं, जिनमें से एक पीड़िता ने बेंगलुरु में 32वें अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट अदालत के समक्ष अपराध प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 164 के तहत अपना बयान दर्ज कराया। एसआईटी सक्रिय रूप से मामले की जांच कर रही और श्री रेवन्ना को इस मामले को लेकर तीसरा नोटिस जारी कर रही है। श्री प्रज्वल मौजूदा समय में कथित तौर पर विदेश में है।
श्री रेवन्ना का पता लगाने और उन्हें पकड़ने के प्रयासों में उनके और उनके पिता एवं जनता दल सेक्युलर (जदएस) विधायक एचडी रेवन्ना से जुड़ी संपत्तियों की तलाशी ली रही है, जहां कथित यौन की घटनाएं हुयीं। अधिकारियों ने मामले के संबंध में संपत्ति जब्त करने की संभावना का संकेत दिया है। अदालत के समक्ष पेश होने के लिए अतिरिक्त समय के अनुरोध के बावजूद श्री प्रज्वल रेवन्ना की याचिका एसआईटी ने खारिज कर दी है।
उल्लेखनीय है कि श्री प्रज्वल रेवन्ना को कथित तौर पर यौन उत्पीड़न और दुर्व्यवहार में लिप्त दिखाते हुए अश्लील वीडियो के प्रसार ने कर्नाटक का राजनीति में तहालका मचा दिया है। मौजूदा लोकसभा चुनाव में जेडीएस भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सहयोगी पार्टी है।
इस विवाद ने राजनेताओं के आचरण और राज्य में महिलाओं की सुरक्षा तथा सम्मान के बारे में गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस वजह से जिससे कानून प्रवर्तन एजेंसियों से त्वरित और निर्णायक कार्रवाई की मांग उठ रही है।

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