लुधियाना : पंजाब के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा है कि सरकार धान कटाई सीजन के दौरान पराली को जलाने से रोकने के लिए हर संभव कदम उठाएगी। श्री धालीवाल ने कल यहां कहा कि कृषि विभाग ने पराली के प्रबंधन के लिए कमर कस ली है और इस सीजन में पराली के उचित प्रबंधन के लिए 56,000 मशीनें बाँटी जाएंगी। इसके साथ मशीनों की कुल संख्या 1,46,422 हो जायेगी, क्योंकि पहले ही 2018-2022 तक किसानों को 90422 मशीनें बाँटी जा चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि अब छोटे किसानों को भी सुपर सीडर, हैप्पी सीडर, ज़ीरो ड्रिल जैसी मशीनें मिलेंगी, क्योंकि ऐसी 500 मशीनें राज्य के 154 ब्लॉकों में भेजी जाएंगी। उनके समेत कृषि विभाग के दर्जा चार कर्मचारियों से लेकर निदेशक रैंक तक के अधिकारी 15 सितंबर के बाद फील्ड में ही रहेंगे और घर-घर जाकर किसानों को पराली जलाने के प्रति जागरूक करेंगे।
मंत्री ने कहा कि आने वाले दिनों में पंजाब की ग्रामीण पट्टी में एक विशाल जागरुकता मुहिम चलाई जायेगी, जिसमें ग्रामीण विकास और पंचायत, पर्यावरण विभाग के कर्मचारी, गैर-सरकारी संस्थाएं, स्कूलों और कॉलेजों के विद्यार्थी और अन्य किसानों को पराली के उचित प्रबंधन को अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने धान की फ़सल लाने वाले किसानों को प्रति एकड़ 2500 रुपए देने का प्रस्ताव रखा था, जिसमें यह सुझाव पेश किया गया था कि इस राशि में से 1500 रुपए प्रति एकड़ केंद्र सरकार जबकि 1000 रुपए प्रति एकड़ पंजाब और दिल्ली सरकार द्वारा दिए जाएंगे।
उन्होंने पिछली सरकारों पर बरसते हुए कहा कि कई किसान कृषि यंत्रों पर सब्सिडी का लाभ लेने में असफल रहे और 150 करोड़ रुपए का घोटाला सामने आया है। इसकी रिपोर्ट मुख्यमंत्री भगवंत मान को सौंप दी गई है और किसी को भी बख़्शा नहीं जायेगा।
पराली जलाने की समस्या के ख़ात्मे के लिए किसानों के सहयोग की माँग करते हुए श्री धालीवाल ने उम्मीद जताई की कि इस साल एक भी किसान पराली जलाने की इस कार्यवाही में शामिल नहीं होगा। इस मौके पर विधायक रजिन्दरपाल कौर छीना, जीवन सिंह संगोवाल, दलजीत सिंह गरेवाल, हरदीप सिंह मुंडियां, कुलवंत सिंह सिद्धू और अन्य उपस्थित थे।
