इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास पर ध्यान नहीं दिया
नई दिल्ली : नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि सरकार नेशनल इन्फ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन के तहत 110 लाख करोड़ रुपये के निवेश के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है और देश में पूंजीगत निवेश 2013-14 की तुलना में पांच गुना बढ़ गया है।
प्रधानमंत्री ने ‘अवसंरचना और निवेश: पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के साथ लॉजिस्टिक दक्षता में सुधार’ विषय पर बजट-उपरांत वेबिनार को संबोधित करते हुए देश में अवसंरचना विकास की समृद्ध प्राचीन परंपराओं का उदाहरण देते हुए आजादी के बाद की सरकारों द्वारा इसकी उपेक्षा की आलोचना की। मोदी ने कहा, “दुर्भाग्य से आजादी के बाद आधुनिक अवसंरचना पर उतना बल नहीं दिया गया, जितना दिया जाना चाहिए था।”
मोदी ने कहा कि 2023-24 के बजट अवसंरचना को नई ऊर्जा देगा। उन्होंने अवसंरचना विकास के आर्थिक वृद्धि का इंजन बताया और कहा कि इस बार के बजट के रणनीतिक फैसलों की सराहना की गयी है। उन्होंने कहा, “हमारे यहां दशकों तक एक सोच हावी रही कि गरीबी एक मनोभाव है- एक नैतिक गुण या सदाचार है। इसी सोच की वजह से देश के इंफ्रास्ट्रक्चर पर निवेश करने में पहले की सरकारों को दिक्कत होती थी।” उनकी वोटबैंक की राजनीति के लिए अनुकूल नहीं होता था। हमारी सरकार ने ना सिर्फ इस सोच से देश को बाहर निकाला है बल्कि वो आधुनिक अवसंरचना पर रिकॉर्ड निवेश भी कर रही है।”
मोदी ने कहा, “आज का समय इस क्षेत्र में प्रत्येक हितधारक के लिए नई जिम्मेदारियों, नई संभावनाओं और साहसिक निर्णयों का समय है।’’
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस साल के बजट में 100 महत्वपूर्ण परियोजनाओं को प्राथमिकता दी गई है और 75,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। मोदी ने कहा कि आज राष्ट्रीय राजमार्गों का औसत निर्माण 2014 से पहले की तुलना में लगभग दोगुना हो गया है। इसी तरह, 2014 से पहले प्रति वर्ष केवल 600 रूट किलोमीटर रेलवे ट्रैक का विद्युतीकरण होता था, जो अब 4000 किमी प्रति वर्ष तक पहुंच गया है। उन्होंने आगे कहा कि हवाई अड्डों की संख्या और पत्तन क्षमता भी दोगुनी हो गई है।
उन्होंने कहा, “अवसंरचना विकास देश की अर्थव्यवस्था को गति देती है। भारत इसी रास्ते पर चलकर ही 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनने का लक्ष्य हासिल करेगा।”
प्रधानमंत्री ने कहा, “गतिशक्ति राष्ट्रीय वृहद योजना में राज्यों की महत्वपूर्ण भमिका है। राज्यों के लिए 50 साल के ऋण के लिए ब्याज मुक्त ऋण को एक साल तक बढ़ा दिया गया है और इसके लिए बजटीय व्यय में भी 30 प्रतिशत तक की वृद्धि की गयी है। प्रधानमंत्री ने कहा, “भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकास के साथ-साथ किसी भी देश के स्वस्थ विकास में अवसंरचना की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।”
प्रधानमंत्री ने सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य द्वारा बनवाए गए उत्तरापथ का बाद में शेरशाह सूरी द्वारा विकास और अंग्रेजों के शासन में उसे ग्रैंड ट्रंक (जीडी) रोड का रूप दिए जाने , हजारों वर्ष पुराने नारस के घाटों (रिवर फ्रंट), व्यापार केंद्र के रूप में बनारस के गंगा में जलमार्ग से कोलकाता तक सीधे संपर्क और तमिलनाडु के तंजावुर में दो हजार वर्ष से काम कर रहे कल्लणै डैम का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत में उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए अवसंरचना का महत्व हमेशा से ही रहा है।
केंद्रीय बजट 2023 में घोषित कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से लागू करने के संदर्भ में विचारों और सुझावों को आमंत्रित करने के लिए सरकार द्वारा बजट-उपरांत 12 वेबिनारों की श्रृंखला आयोजित की जा रही है। इस श्रृंखला का यह आठवां वेबिनार था। इसमें 700 से अधिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक के साथ सैकड़ों हितधारक भाग लिया।
