खरगोन : मध्यप्रदेश के खरगोन जिले के मंडलेश्वर में आज जन आशीर्वाद यात्रा के समक्ष भारतीय जनता पार्टी द्वारा महेश्वर विधानसभा के लिए घोषित उम्मीदवार का फिर से विरोध हुआ। जन आशीर्वाद यात्रा के रथ पर पूर्व मंत्री अर्चना चिटणीस, क्षेत्रीय सांसद गजेंद्र सिंह पटेल, भाजपा जिला अध्यक्ष राजेंद्र राठौड़ और भाजपा द्वारा महेश्वर विधानसभा के लिए घोषित किए गए उम्मीदवार राजकुमार मेव सवार थे। जैसे ही रथ ने कसरावद क्षेत्र के बाद मंडलेश्वर सीमा में प्रवेश किया, विरोध कर रहे कार्यकर्ताओं ने तख्तियां और बैनर लगाकर जमकर नारेबाजी की। पुलिस प्रशासन द्वारा जब रथ के लिए रास्ता साफ किया गया तब भी विरोध करने वाले नेता और कार्यकर्ता सड़क किनारे तख्तियाँ लिए खड़े रहे। हालांकि इस दौरान राजकुमार मेव ने उन्हें रैली में शामिल होने का आग्रह किया।
विरोध की अगुवाई कर रहे जनपद सदस्य नरेंद्र सिंह पटेल और पुरुषोत्तम पवार ने कहा कि मेव ने 2018 में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा था। इसके बाद जिला पंचायत, जनपद पंचायत व नगर परिषद में भी अपने उम्मीदवार खड़े कर भारतीय जनता पार्टी को नुकसान पहुंचा था। उन्होंने स्पष्ट किया कि उक्त विरोध जन आशीर्वाद यात्रा का नहीं है, बल्कि राजकुमार मेव का है। उन्होंने कहा कि राजकुमार मेव के अलावा किसी भी व्यक्ति को टिकट दिया जाना चाहिए।
उधर, राजकुमार मेव कसरावद ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि विरोध करने वाले सभी लोग परिवार के हैं और उन्हें मना लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि उन्हें प्रत्याशी घोषित करने के उपरांत भरपूर जन समर्थन मिल रहा है और हजारों बहनों ने उन्हें रक्षाबंधन के अवसर पर राखी बांधकर अपना स्नेह प्रदर्शित किया है। उन्होंने रैली में 7000 लोगों की उपस्थिति का उल्लेख करते हुए बताया कि इस बार भाजपा हजारों वोटो से चुनाव जीतेगी।
पूर्व मंत्री अर्चना चिटणीस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री शिवराज चौहान की जनहित की योजनाओं के सफल क्रियान्वयन को उलेखित करते हुए बताया कि जन आशीर्वाद यात्रा को जगह-जगह इतना समर्थन मिल रहा है कि इस बार भारतीय जनता पार्टी दो तिहाई बहुमत से विजयी होगी। उल्लेखनीय है कि राजकुमार मेव का नाम घोषित होते ही महेश्वर विधानसभा में विरोध के स्वर उठने लगे थे। दो बार विरोध प्रदर्शन के उपरांत उन्होंने राखी पॉलिटिक्स के माध्यम से इसे नियंत्रित करने का प्रयास किया था।
जन आशीर्वाद यात्रा के समक्ष राजकुमार मेव का विरोध हुआ
