गौरवशाली भारत

देश की उम्मीद ‎‎‎ ‎‎ ‎‎ ‎‎ ‎‎

राहुल गांधी देश से क्षमा मांगें

नई दिल्ली : संसद के बजट सत्र के दूसरे भाग के पहले दिन आज दोनों सदनों में हंगामे के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर विदेश में संसद को अपमानित करने एवं देश की गरिमा को गिराने का आरोप लगाया और देश से बिना शर्त क्षमा याचना करने की मांग की।
भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं केन्द्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव, राज्यसभा में नेता सदन पीयूष गोयल और संसदीय कार्य मंत्री प्रल्हाद जोशी, संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि बजट सत्र के पहले दिन दोनों सदनों में कांग्रेस के गैरजिम्मेदाराना रवैये और कांग्रेस नेता राहुल गांधी की जिद, दुराग्रह एवं संसद को अपमानित करने वाले उनके भाव आज उनके आचरण में भी दिखायी दिये।
यादव ने कहा कि भारत आज़ादी के 75 वर्ष पूरे कर अमृतकाल में प्रवेश कर गया है और पूरे विश्व में भारत के लोकतंत्र की मिसाल दी जा रही है। लेकिन गांधी लंदन में जाकर भारत की संसद का अपमान कर रहे हैं और असत्य बोल रहे हैं कि उन्हें संसद में बोलने नहीं दिया जाता है और उनका माइक बंद कर दिया जाता है। ऐसा कार्य भारत के किसी भी सांसद को शोभा नहीं देता है, विशेष रूप से मुख्य विपक्षी दल के सदस्य को जिसे लोकतंत्र का सजग प्रहरी माना जाता है।
उन्होंने कहा कि संसद में ना केवल कांग्रेस के सांसदों ने अपनी सीटों पर खड़े हो कर हंगामा किया बल्कि कार्यमंत्रणा समिति की कार्यवाही का भी बहिष्कार किया जो कि गैरराजनीतिक मंच होता है जिसमें सदन की कार्यवाही की रूपरेखा तय की जाती है। यह अत्यंत निंदनीय है।
यादव ने गांधी से सवाल किया कि क्या लंदन में भारतीय संसद के बारे में असत्य बोलना उचित था, क्या देश में विदेशी ताकतों को राजनीतिक हस्तक्षेप के लिए आमंत्रित करना उचित है, क्या संसद को बाधित करना उचित है। उन्होंने कहा कि संसद से क्षमा याचना करने की बजाय सदन को बाधित करना कांग्रेस का पुराना चरित्र रहा है। आखिर गांधी को किसने अधिकार दिया है कि वह विदेशी ताकतों को भारत के सत्ता परिवर्तन के लिए अनैतिक हस्तक्षेप के लिए आमंत्रित करें।
उन्होंने कहा कि देश इस समय विश्व के आर्थिक रूप से शक्तिशाली 20 देशों के समूह जी-20 की अध्यक्षता कर रहा है और उसके विभिन्न समूहों की भारत के अलग अलग स्थानों पर बैठकें हो रहीं हैं और ये देश और पूरी दुनिया भारत के लोकतंत्र की जीवंतता का अनुभव कर रही है। ऐसे समय में देश के लोकतंत्र एवं संसद का विदेशी धरती से अपमान करना कितना बड़ा अपराध है। उन्होंने पूछा कि क्या गांधी अपनी गलती अनुभव नहीं करेंगे और क्या वह देश से माफी नहीं मांगेंगे।
जोशी ने कहा कि संसद में कांग्रेस एवं द्रविड़ मुनेत्र कषगम को छोड़कर बाकी सभी दलों के नेताओं से स्वीकार किया है कि गांधी ने अनुचित कार्य किया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *