राजकोट की जनसभा में मोरबी ब्रिज हादसे को लेकर 2 मिनट का रखा मौन
राजकोट : गुजरात में विधानसभा चुनावों की घोषणा के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी कल पहली बार गुजरात पहुंचे। उनका पहली जनसभा सूरत जिले की महुआ तहसील के पांच काकडा गांव में हुई। इसके बाद वे बीजेपे के गढ़ राजकोट पहुंचे। यहां शास्त्री मैदान में जनसभा को संबोधित करने से पहले उन्होंने मोरबी ब्रिज हादसे में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि देते हुए दो मिनट का मौन रखा।
बीजेपी को बताया आदिवासियों का दुश्मन
इससे पहले पांच काकडा गांव में अपने संबोधन के दौरान उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा- बीजेपी आदिवासियों के साथ अन्याय करती है। यह देश आपका है, जो बीजेपी ने आपसे ले लिया है। बीजेपी के लोग आपको आदिवासी नहीं, वनवासी कहते हैं। इसका मतलब है कि आप जंगल में रह रहे हैं। वे नहीं चाहते कि आप आगे बढ़ें, आपके बच्चे शहरों में पढ़े और आगे बढ़ें। बीजेपी सोचती है कि आपको जंगल में ही रहना चाहिए। बीजेपी जंगल भी उद्योगपतियों को दे देगी। उसके बाद जंगल में भी आपके लिए जगह नहीं होगी। 2 या 3 उद्योगपति ही पूरा जंगल हड़प लेंगे। भाजपा आपका हक छीनना चाहती है।
कांग्रेस आदिवासी या बीजेपी वनवासी
राहुल गांधी ने आगे कहा कि आपके पास दो विकल्प हैं कांग्रेस आदिवासी या बीजेपी वनवासी। एक ओर सुख है तो दूसरी ओर पीड़ा है। हम आपके सपनों को साकार करेंगे। शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य हम देंगे। हम आपके इतिहास की रक्षा करेंगे, जीने का अधिकार। हम आपके लिे पदयात्रा कर रहे हैं। पैरों में छाले पड़ जाएं तो भी हम पदयात्रा करते रहेंगे। लेकिन, वे लोग हवा में उड़ रहे हैं।
आदिवासियों से हमारा पुराना नाता
मेरे परिवार का आदिवासियों से पुराना नाता है। जब मैं छोटा था तो मेरी दादी इंदिरा गांधी ने मुझे एक किताब दी थी। यह मेरी पसंदीद किताबों में से एक थी। मैं आदिवासियों के बारे में ज्यादा नहीं जानता था। बहुत सारी फोटोज वाली यह आदिवासी बाल पुस्तक जंगल और वहां जीवित रहने के बारे में थीं। मैं इस किताब को दादी के साथ पढ़ता था। दादी मुझे समझाती थीं। एक दिन मैंने दादी से कहा कि मुझे यह किताब बहुत पसंद है तो उन्होंने कहा कि यह किताब हमारी जनजाति के बारे में है। यह जनजाति ही हिन्दुस्तान की पहली और असली मालकिन है। फिर कहा कि अगर हिन्दुस्तान को समझना है तो आदिवासियों के जीवन और जल, जंगल और जमीन से उनके रिश्ते को समझो। उन्होंने आदिवासी शब्द का इस्तेमाल किया, जिसका मतलब होता है सबसे पहले यहां रहना।
राहुल गांधी की गुजरात में पहली चुनावी रैली
