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राजस्थान : पुलिस ने अपराधियों पर कसा शिकंजा

जयपुर : राजस्थान के पुलिस महानिदेशक उमेश मिश्रा ने प्रदेश में पुलिस को अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई एवं कानून व्यवस्था मजबूत बनाए रखने के लिए दृढ़ संकल्पित बताते हुए कहा है कि आमजन में सकारात्मक पहचान बनाने के साथ ही अपराधियों की आसूचना एवं प्रो-एक्टिव पुलिसिंग के माध्यम से अपराधियों पर शिकंजा कसा गया है।
मिश्रा सोमवार को पुलिस मुख्यालय में पुलिस की उपलब्धियों, कार्यो, नवाचारों, योजनाओं का लेखा-जोखा प्रस्तुत करते हुए प्रेस वार्ता में यह बात कही। उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए राज्य में हार्डकोर अपराधियों, माफियाओं और आपराधिक गिरोहों के खिलाफ नियोजित तरीके से व्यापक कार्रवाई की जा रही है
उन्होंने बताया कि संगठित अपराध के विरूद्ध कार्रवाई करते हुए वर्ष 2023 में राज्य में 1036 उदघोषित अपराधी, 67 भगोड़े और 9788 स्थाई वारंटियों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान राजपासा में कुल 73 इस्तगासे पेश कर नौ को निरुद्ध कराया गया। इन कार्रवाइयों में प्रदेश में कुल 1073 इनामी अपराधी गिरफ्तार किए गए। इनमें एक लाख के आठ, पचास हजार के तेरह, 40 हजार के दो और 25 हजार के 45 इनामी अपराधी शामिल है।
मिश्रा ने बताया कि गत एक मार्च से शुरू किए गए एरिया डोमिनेंस राज्यव्यापी अभियान में 13 अगस्त तक विभिन्न अपराधों में वांछित 21 हजार 320 अपराधियों की गिरफ्तारी हुई, जिनमें जघन्य अपराध में वांछित 937 अपराधी शामिल है। इस अभियान में 151 सीआरपीसी के तहत 35 हजार 662 गिरफ्तारी की गई, इस प्रकार कुल 56 हजार 980 अपराधी गिरफ्तार हुए। इनकी गिरफ्तारी के लिए पूरे राज्य में 29 हजार 527 टीमों का गठन कर 77 हजार 348 स्थानों पर दबिश दी गई, जिनमें एक लाख 17 हजार 419 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी शामिल थे।
उन्होंने बताया कि प्रोएक्टिव पुलिसिंग में आबकारी अधिनियम में इस वर्ष की 2021 से तुलना में 14.65 प्रतिशत की वृद्धि एवं 2022 की तुलना में 12.08 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। एनडीपीएस एक्ट में 2021 से तुलना में 47.82 प्रतिशत की वृद्धि एवं 2022 की तुलना में 12.07 प्रतिशत की वृद्धि हुई। आर्म्स एक्ट में 2021 की तुलना में 38.78 प्रतिशत की वृद्धि एवं 2022 की तुलना में 11.19 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
प्रदेश में इस वर्ष जुलाई तक जघन्य अपराधों में पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए 12 घंटों में हत्या के 206 से 12 से 24 घंटे में 173 एवं एक से सात दिन के अंदर 374 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। एक लाख से ऊपर की लूट-डकैती के प्रकरणों में 12 घंटे में 36, 12 से 24 घंटे में 17 और एक से सात दिन के अंदर 74 तथा गैंगरेप और 12 वर्ष से कम आयु की बालिका के साथ दुष्कर्म के प्रकरण में 12 घंटे में 26, 12 से 24 घंटे में 72 और एक से सात दिन के अंदर 184 अपराधियों कुल 1162 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया।
मिश्रा ने बताया कि भादस के मामलों में गत वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष मात्र 0.60 प्रतिशत की आंशिक वृद्धि हुई जो अनिवार्य पंजीकरण नीति की सफलता का परिचायक है। प्रोएक्टिव पुलिसिंग के परिणाम स्वरूप डकैती की घटनाओं में 25 प्रतिशत की कमी एवं लूट एवं नकबजनी के प्रकरणों में नगण्य वृद्धि क्रमशः 0.15 एवं 0.13 प्रतिशत दर्ज हुई। इस वर्ष हत्या, हत्या का प्रयास, डकैती-लूट, व्यपहरण/अपहरण एवं दुष्कर्म का चालानी प्रतिशत क्रमश 96.24, 97.02, 92.31, 86.55 एवं 93.9 प्रतिशत रहा है। उन्होंने बताया कि अपराधों के वास्तविक स्थिति का विश्लेषण करने से उजागर होता है कि भादस के कुल दर्ज अपराधों में 2021,2022 और 2023 में क्रमशः 29.07 प्रतिशत, 34.3 प्रतिशत और 28.3 प्रतिशत अदम वकू के पाए गए।

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