बलिया : घोसी उपचुनाव में एनडीए प्रत्याशी की हार के बाद भी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने रविवार को दारा सिंह चौहान के साथ खुद भी मंत्री बनने का दावा किया । जिले के मीरन गंज स्थित अपने केंद्रीय कार्यालय पर रविवार की सुबह संवाददाताओं से बातचीत में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने घोसी उपचुनाव में हार के बाद दारा सिंह चौहान एवं राजभर के मंत्री ना बन पाने के सवाल के जवाब में सवाल दागते हुए पूछा “ वे क्यों नहीं बन पाएंगे, क्या विपक्ष के लोग एनडीए के मालिक हैं ?” क्या एनडीए में विपक्ष की मर्जी चलेगी ? यहां हम लोग की मर्जी चलेगी ।”
उन्होंने कहा कि गृहमंत्री अमित शाह ,प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व जेपी नड्डा एनडीए के मालिक हैं, विपक्ष के लोग नहीं । मंत्री बनने के सवाल पर उन्होंने कहा कि धैर्य रखिए, मैं आपके माध्यम से उनसे (विपक्ष से) भी कह रहा हूं कि दिल थाम के बैठो कहीं कलेजा न फट जाए, हार्ट अटैक न आ जाए । मंत्री बनने के सवाल पर उन्होंने दावा किया कि वे बिल्कुल मंत्री बनेंगे, क्यों नहीं बनेंगे ?
वहीं घोसी उपचुनाव में हार के कारण के सवाल पर उन्होंने कहा कि घोसी में एनडीए के प्रत्याशी दारा सिंह चौहान की हार का पहला कारण बहुजन समाज पार्टी का उपचुनाव के मैदान में न उतरना था । वहीं दूसरी वजह बताते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि उपचुनाव में समाजवादी पार्टी के लोग जगह-जगह पैसे बांट रहे थे, हमने कई बार शिकायत की तो पच्चीसों लोग थाने में भी बैठाए गए और गाड़ियां भी पकड़ी गई ये देखने को मिला तो दूसरा कारण यह था ।
उन्होंने कहा कि हार का तीसरा कारण प्रत्याशी का रिएक्शन था जिसके कारण प्रत्याशी के रिएक्शन में बड़ी संख्या में वोट तितर – बितर हुआ है । उन्होंने दावा किया कि अगर एनडीए का प्रत्याशी कोई स्थानीय होता तो चुनाव का परिणाम कुछ और होता । उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जिन लोगों ने मध्य प्रदेश में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी ज्वाइन की और चुनाव मैदान में गए तो उसमें से सात – आठ जीते हुए लोग चुनाव हार गए । मैंने कहा कि हमारा अपना मानना है कि एनडीए को घोसी उपचुनाव में प्रत्याशी बदलना चाहिए था । उन्होंने कहा की जनता मालिक है और जनता ने जो जनादेश दिया है उसे हम स्वीकारेंगे व जो हमारे अंदर कमियां रह गई है उसे ठीक करेंगे ।
वहीं राजभर बिरादरी के एनडीए प्रत्याशी को कम वोट मिलने के सवाल पर उन्होंने एक एजेंसी की सर्वे रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि अनुसार घोसी उपचुनाव में भूमिहार बिरादरी के पोल हुए 10,000 वोटो में से 48 से 49 प्रतिशत वोट सपा प्रत्याशी को तो 48 से 49 वोट प्रतिशत एनडीए प्रत्याशी धारा चौहान को भी प्राप्त हुए हैं । राजपूत बिरादरी के पोल हुए वोटो से लगभग 94 से 95प्रतिशत वोट सपा के प्रत्याशी को मिला और 2 से 3 प्रतिशत वोट एनडीए के प्रत्याशी को मिला था वहीं ब्राह्मण और अन्य का 5 हजार वोट पोल हुआ था जिसमें से 79 से 80 प्रतिशत वोट सपा के प्रत्याशी को तो 18 से 19 प्रतिशत वोट दारा चौहान को मिला, यादव के पोल हुए 52000 वोटों में से 69 से 97 प्रतिशत सपा को तो 1 से 2 प्रतिशत वोट दारा चौहान को मिला ।
उन्होंने दावा किया कि राजभर बिरादरी के 68 हजार वोटों में से 34 हजार वोट पोल हुए थे जिसमें 83 से 90 प्रतिशत वोट एनडीए के प्रत्याशी दारा सिंह चौहान और 7 से 10 प्रतिशत वोट प्रत्याशी को प्राप्त हुए हैं । वहीं चौहान पोल हुए 24 हजार वोटों में से 20 से 21 प्रतिशत सपा को तो 79 से 80 प्रतिशत एनडीए प्रत्याशी को मिले हैं । वहीं बिंद निशाद के पोल हुए 7500 वोटों में से 67 से 68 प्रतिशत वोट एनडीए के प्रत्याशी को तो 27 से 28 प्रतिशत वोट सपा प्रत्याशी को प्राप्त हुए हैं । वहीं अन्य के 44 से 45प्रतिशत वोट सपा प्रत्याशी को तो 46 से 47 प्रतिशत एनडीए प्रत्याशी दारा चौहान को प्राप्त हुए हैं । वही जाटव दलित समाज के 35 से 36 प्रतिशत सपा प्रत्याशी को तो 56 से 57 प्रतिशत वोट एनडीए प्रत्याशी को प्राप्त हुए हैं । वहीं धोबी – पासी अन्य जातियों के 57 से 68 प्रतिशत वोट एनडीए प्रत्याशी दारा चौहान को तो 39 से 40 प्रतिशत वोट सपा प्रत्याशी को प्राप्त हुए हैं और पोल हुए मुस्लिम वोटो में से 87 से 90 प्रतिशत सपा प्रत्याशी को तो 1 से 2 प्रतिशत वोट दारा चौहान को प्राप्त हुए हैं ।
उन्होंने कहा कि घोसी उपचुनाव में हमारी पार्टी सुभासपा पर रोज छोटे-बड़े 100 चौपाल लगती रही जिसका प्रदर्शन नामांकन में भी देखने को मिला जहां भारी संख्या में लोग इकट्ठा हुए थे और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य कार्यक्रम में भी बड़ी संख्या में लोग शरीक हुए । वही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम में पच्चीसों हजार की भीड़ पहुंची थी और उसे भीड़ में बड़ी संख्या में लोग घरों से निकालकर वहां गए थे तो जब वोट देना था लोग तब न अपने घर से निकाल कर गए ? नहीं देना होता तो लोग अपने घर में ही बैठे रहते ।
घोसी उपचुनाव में हार के बावजूद राजभर के बड़े दावे
