मां से डीएनए सैंपल मैच हुआ; आग लगने से 30 लोगों की जान गई थी
राजकोट। गुजरात के राजकोट अग्निकांड हादसे में गेम जोन के एक मालिक प्रकाश हिरन (जैन) की भी मौत हो गई है। घटनास्थल पर मिले एक शव का डीएनए सैंपल अहमदाबाद में रहने वाली जैन की माता विमला देवी के डीएनए सैंपल से मैच हुआ है। मंगलवार को इस बात का खुलासा हुआ।
प्रकाश हिरन मूल रूप से राजस्थान के रहने वाले थे। वे पिछले 4-5 साल से राजकोट में रह रहे थे। उन्होंने 5 करोड़ के निवेश से बने गेम जोन में 3 करोड़ रुपए लगाए थे। यानी उनकी 60त्न की हिस्सेदारी थी।
उधर, हादसे में नामजद 6 आरोपियों में से चौथे आरोपी धवल ठक्कर को गुजरात पुलिस ने राजस्थान से गिरफ्तार किया है। हादसे के बाद वह फरार हो गया था और आबू रोड में छिपा था। इससे पहले 3 आरोपियों- युवराज सिंह सोलंकी, नितिन जैन और राहुल राठौर को गिरफ्तार किया गया था।
राजकोट में शनिवार शाम 4.30 बजे टीआरपी गेम जोन में आग लगने से 12 बच्चों समेत 30 लोगों की मौत हुई थी। कुछ लोग इस हद तक जल गए थे कि उनकी पहचान नहीं हो पा रही थी। शवों की पहचान के लिए 25 डीएनए सैंपल गांधीनगर भेजे गए थे।
आरोपी कोर्ट में बोला- घटनाएं होती रहती हैं
कोर्ट ने 4 आरोपियों को 14 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि वे जांच में सहयोग नहीं कर रहे। कागजात मांगने पर कह रहे हैं कि सभी दस्तावेज आग में जल गए। अग्निकांड के एक आरोपी युवराज सिंह सोलंकी ने पहले तो कोर्ट में यह जताने की कोशिश की उसे इस हादसे पर बहुत दुख है।
स्पेशल पब्लिक प्रोसिक्यूटर तुषार गोकानी ने बताया कि सब किसी को लग रहा था कि वह रो रहा है। लेकिन, 5 मिनट बाद ही वह हंसने लगा और बहस करने लगा। इतना ही नहीं, कोर्ट रूम में उसने यहां तक कहा कि इस तरह की घटनाएं होती रहती हैं।
राजकोट अग्निकांड- गेम जोन के मालिक की भी जलकर मौत
