लखनऊ : बहुजन समाज पार्टी (बसपा) विधायक राजूपाल हत्याकांड मामले में वांछित और पिछले 18 वर्ष से फरार चल रहे शूटर अब्दुल कवि ने बुधवार को सीबीआई की विशेष अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। अब्दुल ने पुलिस को चकमा देते हुये लखनऊ में सीबीआई की विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट याशा शर्मा की अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। अदालत के आदेश पर अब्दुल कवि को न्यायिक हिरासत में लेते हुए सात अप्रैल तक के लिए जेल भेज दिया गया है। अब्दुल कवि राजू पाल हत्याकांड के बाद से लगातार फरार चल रहा था।
पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर एक लाख रूपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस एवं अभियोजन के अनुसार अब्दुल कवि माफिया अतीक अहमद के लिए काम करता था और वह उसके मुख्य शूटरों में एक था। कौशांबी जिले के सराय अकील क्षेत्र निवासी अब्दुल कवि ने 25 जनवरी 2005 को राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के चलते राजू पाल की हत्या कर दी गयी थी।
इस मामले में मृतक राजू पाल की पत्नी पूजा पाल की शिकायत पर पूर्व सांसद अतीक, उसके भाई पूर्व विधायक अशरफ और सात अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पिछली 24 फरवरी को राजू पाल हत्याकांड के मुख्य आरोपी उमेश पाल की हत्या के बाद प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) ने सराय अकील स्थित अब्दुल कवि के घर को ढहा दिया था। इस दौरान पुलिस को उसके घर से अवैध हथियारों का जखीरा मिला था।जिसके बाद अब्दुल कवि के भाई अब्दुल कादिर सहित 11 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
उमेश पाल की हत्या के बाद पुलिस और सीबीआई ने उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी तेज कर दी थी। शुरुआत में उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था जिसे बाद में बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया गया।
अवैध हथियार मामले में पुलिस उसके भाई अब्दुल कादिर को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
