नई दिल्ली : राज्यसभा में विपक्ष के हंगामे के कारण सोमवार को लगातार छठे दिन शून्यकाल और प्रश्नकाल नहीं हो सका तथा सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी गयी। सुबह में कार्यवाही शुरू होने पर आवश्यक दस्तावेज सदन पटल पर रखे जाने के बाद सभापति जगदीप धनखड़ ने कहा कि उन्हें विभिन्न सदस्यों से नियम 267 के अंतर्गत 22 नोटिस मिले हैं। अदानी समूह की कंपनियों के मामले से संबंधित ये नोटिस कांग्रेस के प्रमोद तिवारी, कुमार केतकर, रंजीता रंजन और केसी वेणुगोपाल आदि ने दिये हैं। इसके साथ ही वामपंथी सदस्यों ने भी इसी से मिलते जुलते मुद्दे पर नोटिस दिये हैं। आम आदमी पार्टी के संजय सिंह ने भी नोटिस दिया है।
उन्होंने कहा कि ये सभी नोटिस नियमों के अनुरूप नहीं होने के कारण खारिज किए जाते हैं। इसके बाद तृणमूल कांग्रेस के सुखेन्द्र शेखर राय और डेरेक ओ ब्रायन ने कुछ कहा, जिसके बाद विपक्षी दलों के सदस्य नारे लगाते हुए सभापति के आसन की ओर बढ़ने लगे। स्थिति को देखते हुए सभापति ने सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी।
संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण सोमवार से शुरू हुआ था और अभी तक हिंडेनबर्ग रिपोर्ट और विदेशों में भारतीय लोकतंत्र का अपमान करने के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष में टकराव बना हुआ है, जिसके कारण पिछले सप्ताह किसी भी दिन शून्यकाल और प्रश्नकाल नहीं चल सका तथा कोई भी अन्य कामकाज नहीं हो सका। इस सप्ताह के पहले दिन भी स्थिति लगभग वैसी ही बनी हुई दिख रही है।
राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित
