नई दिल्ली : राज्यसभा में बुधवार विपक्ष के सदस्यों का हंगामा जारी रहा और सदन की कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी। सभापति जगदीप धनखड़ ने दो बार के स्थगन के बाद जब सदन की कार्यवाही शुरू करने का प्रयास किया, तो विपक्ष के सदस्य फिर जोर-जोर से बोलने लगे और अपनी सीटों से आगे आकर खड़े हो गए।
इस पर धनखड़ ने कहा कि उपराष्ट्रपति पद के अपमान पर सदन में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वह सदन की कार्यवाही 11 बजकर 45 मिनट तक स्थगित कर रहे हैं और उम्मीद करते हैं कि सदन में विपक्ष के नेता सदन में व्यवस्था बनाने का प्रयास का करेंगे और उपराष्ट्रपति पद के अपमान पर अपनी स्थिति स्पष्ट करेंगे।
इसके बाद उन्होंने सदन की कार्यवाही कार्यवाही 11:45 तक स्थगित करने की घोषणा कर दी। विपक्षी सदस्यों की हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही 45 मिनट में अंतराल पर तीन बार स्थगित करनी पड़ी। इससे पहले सभापति ने पहले स्थगन के बाद जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू का प्रयास किया, तो विपक्ष के सदस्य अपनी सीटों से आगे आकर आसन की ओर बढ़ने लगे। इस पर श्री धनखड़ ने सदन की कार्यवाही दूसरी बार 11 बजकर 30 मिनट तक स्थगित कर दी थी।
सुबह सदन की कार्यवाही तख्ती लहराने के कारण शुरू होने के साथ ही स्थगित करनी पड़ी थी। धनखड़ ने सदन की कार्यवाही शुरू करने के लिए जैसे ही आसन ग्रहण किया, तो मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के इलावरम करीम तख्ती लहराते हुए आसन के समक्ष आ गए।
धनखड़ ने उन्हें अपनी सीट पर वापस जाने को कहा। इस बीच विपक्ष के अन्य सदस्य भी जोर-जोर से बोलने लगे। धनखड़ ने एक बार फिर श्री करीम से अपनी सीट पर वापस आने को कहा, लेकिन इसका कोई असर नहीं होते देखा उन्होंने सदन के कार्यवाही 11 बचकर 15 मिनट तक स्थगित करने की घोषणा कर दी थी। सदन की कार्यवाही 11 बजकर दो मिनट पर स्थागित हो गई थी।
