- बहनों ने भाइयों की कलाई पर बांधा प्यार
- शहीद जवानों के स्टेच्यू (मुर्ति) पर बहनों ने बांधी राखियां
- राखी बांधने पहुंची जेल में बंद भाईयों की उनकी बहनें
- बहन-भाई के अटूट निश्चल प्रेम के छलके आँसू
- भाइयों ने हमेशा साथ निभाने का दिया वचन
- राष्ट्रपति-उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने देशवासियों को दी शुभकामनाएं
- विभिन्न स्कूलों की छात्राओं ने पीएम मोदी की कलाई पर बांधी राखी
कपिल शर्मा | गौरवशाली भारत
नई दिल्ली | राष्ट्रीय राजधानी समेत देशभर में अधिकांश लोगों ने बुधवार 30 अगस्त को रक्षाबंधन मनाया। इस पावन पर्व रक्षाबंधन पर देश के विभिन्न शहरों में उत्साह का माहौल देखा गया। बहनों ने भाइयों की कलाई पर प्रेम का प्रतीक रेशमी धागा स्वरूप कलाई पर राखीयां बांधी। साथ ही भाईयों ने सदैव साथ निभाने के वचन के साथ अमूल्य तोहफ़े बहनों को दिए। इस खास अवसर पर राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति ने देशवासियों को बधाई दी। इस दिन विभिन्न स्कूलों की छात्राओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कलाई पर राखी बाँधी। इस मौके पर पीएम मोदी ने भी देशवासियों को शुभकामनाएं दी।

भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक पावन पर्व के अवसर पर देश के कई शहरों की जेलों में भी बहनें अपने भाइयों को राखी बांधने पहुंची। हर साल की तरह इस साल भी जेल परिसर में भाई-बहन का पवित्र त्योहार राखी बड़े ही उत्साह के साथ मनाया गया। इस मौके पर बहनों ने अपने भाई की कलाई पर राखी बांधी और भविष्य में किसी तरह का कोई अपराध न करें, इसकी दुआ भी की। साथ ही जल्द जेल से रिहा होकर अपना जीवन बेहतर तरीके से जीने की कामना की। इसी के साथ जेल प्रशासन द्वारा कैंटीन में राखी, नारियल और केले की व्यवस्था की गई। बाहर से कोई भी वस्तु लाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया गया। सुबह 8 से शाम 5 बजे तक परिवार की मुलाकात कराई गई। जिसमें हजारों बंदियों की मुलाकात उनकी बहनों से हुई।
ख़ास बात यह है कि, भाई-बहन के अटूट एवं अनन्य प्रेम की प्रकास्ठा से ओतप्रोत ये पावन पर्व रक्षाबंधन पर कई बहनों की आँखो में आँसू देखने को मिले। गौरवशाली भारत की पड़ताल में कई शहीद जवानों की बहनों ने नम आँखों से उनके स्टेच्यू (मुर्ति) पर राखी बाँधी। तो वहीं कुछ बहनें उनके सघे भाई न होने पर निराश होते हुए अन्य मुहबोले धर्म भाईयों की कलाई पर राखी बांधते हुए नज़र आई।
