नयी दिल्ली : केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्री नारायण राणे ने बुधवार को कहा कि छोटे उद्योगों को देरी से भुगतान का मुद्दा हल करने की आवश्यकता है। श्री राणे ने राष्ट्रीय एमएसएमई बोर्ड (एनबीएमएसएमई) की यहां आयोजित 18वीं बैठक की अध्यक्षता बैठक की अध्यक्षता करते हुए आश्वासन दिया कि बैठक के दौरान सदस्यों के सुझावों पर उचित विचार किया जाएगा।
उन्होंने सकल घरेलू उत्पाद, निर्यात और रोजगार में एमएसएमई क्षेत्र के योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने सूक्ष्म और लघु उद्यमों को लंबित भुगतान के मुद्दे को हल करने की आवश्यकता पर बल दिया। केंद्रीय मंत्री ने क्षेत्र में एमएसएमई के प्रचार और विकास के लिए पूर्वोत्तर क्षेत्र और सिक्किम से संबंधित पोर्टल का लोकार्पण किया।
उन्होंने राष्ट्रीय कैरियर सेवा (एनसीएस) के साथ उद्यम पोर्टल को जोड़ने का विशेष रूप से उल्लेख किया, जो एमएसएमई क्षेत्र के लिए एनसीएस के रोजगार योग्य जनशक्ति डेटाबेस तक पहुंच के अवसर के रूप में है। इस अवसर पर एमएसएमई राज्य मंत्री भानु प्रताप सिंह वर्मा भी उपस्थित थे।
इसके अलावा उद्यम पंजीकरण पोर्टल के संबंध में एमएसएमई मंत्रालय और सामान्य सेवा केंद्र के बीच एक समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए गए। एमएसएमई मंत्रालय और कॉमन सर्विस सेंटर के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर का उल्लेख करते हुए, श्री राणे ने कहा कि यह दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले उद्यमों के लिए सलाह और सहायता का विस्तार करेगा और उन्हें सरकारी योजनाओं और प्राथमिकता क्षेत्र के ऋण का लाभ उठाने में मदद करेगा। बैठक में केंद्र और राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न उद्योग संघों के पदाधिकारी और अन्य प्रतिनिधि भी शामिल हुए।
