सिरसा : हरियाणा के सिरसा में पिछले छह रोज से घग्घर नदी में बढ़े जलस्तर से बनी स्थिति पर अभी तक काबू नहीं पाया जा सका था कि मंगलवार देर रात से शहर के करीब से बह रहे रंगोई नाला में यकायक बढ़े जलस्तर व उसमें आए कटाव से नया आफत शुरु हो गया है। घग्घर नदी व रंगोई नाला के किनारे बिजली व्यवस्था के अलावा खाली थैलों का टोटा भी देखने का मिल रहा है। अब सिरसा शहर में जलभराव की संभावनाएं बढ़ गई हैं।
इसकी जानकारी स्वयं जिला उपायुक्त पार्थ गुप्ता ने बुधवार को नियमित पत्रकारवार्ता में दी है। जाहिर हो रहा है कि प्रशासन का बाढ़ पर नियंत्रण हटता जा रहा है। कहने को तो शासन व प्रशासन बाढ़ प्रबंधों की खूब दुहाई दे रहे हैं मगर धरातल पर जाएं तो पिछले छह रोज में पंजाब से राजस्थान सीमा के बीच 75 किलोमीटर क्षेत्र में लगभग बीस स्थलों पर तटबंधों में कटाव आया मगर प्रशासनिक अमला अपने स्तर पर एक भी तटबंध के रिसाव को नहीं रोक पाया जिससे हजारोंं एकड़ में खड़ी धान, सब्जी, हरा चारा सहित अन्य फसलें खराब हो गई।
प्रशासनिक प्रबंधों को पुख्ता ना मानते हुए बाढ़ के संभावित खतरे को लेकर गांवों के लोगों का पलायन जारी है। बुर्जकर्मगढ़ के सतर वर्षीय बुजुर्ग प्रेम सिंह ने बताया कि उनके पास ट्रेक्टर ट्राली इत्यादि वाहन नहीं है। आपदा की स्थिति में मांगने पर वाहन का प्रबंध नहीं हो पाया इससे पहले तटबंध में आए रिसाव से पानी उसके घर द्वार तक पहुंच गया जिससे वह घर का सामान नहीं निकाल पाया। इतना अवश्य है कि घर की भैंस व अन्य मवेशियों को पैदल-पैदल रत्ताखेड़ा अपने रिश्तेदारों के यहां पहुंचा दिया है।
रंगोई नाला पर तटबंध की मजबूती में जुटे बलजिंद्र,अमरीक सिंह बाजवा,उरिंद्र सिंह,बलविंद्र सिंह व अन्य लोगों ने बताया कि वे अपने स्तर पर ही बीती रात से रंगोई नाला के तटबंध की मजबूती में जुटे हैं। रोड जाम करने के पश्चात जिला प्रशासन ने मात्र एक जेसीबी मुहैया करवाई है। बलजिंद्र सिंह का कहना है कि नाले में एक बार तो रिसाव आ गया अब कुछ दूरी पर फूलकां रोड़ पर नया बांध बनाने में जुटे हैं। अगले दो दिन में फतेहाबाद छोर से अधिक जल आने की जानकारी प्रशासन ने दी है। अगर यह आया पानी काबू नहीं आया तो सिंकदरपुर,वेदवाला के साथ-साथ सिरसा शहर में भी पानी घुस जाएगा।
तटबंध पर मौजूद भारतीय किसान एकता के अध्यक्ष लखविंद्र सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन ने समय रहते बाढ़ प्रबंधन कार्य को गंभीरता से नहीं लिया जिससे आज आपदा झेलनी पड़ रही है। रंगोई नाले का पानी सिरसा-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर बने पुल के बिलकुल ऊपर तक छू गया है,किसी भी समय इस मार्ग को अवरूद्ध करना पड़ सकता है।
घग्घर नदी के तटबंधों की मजबूती के लिए संसाधन भी कम पड़ते जा रहे हैं। गावों में खाली थैले तटबंधों पर पहुंचाने की मुनादी करवाई जा रही है। घग्घर के तटबंध पर प्रबंधन कार्य में लगे प्रगट सिंह,सुखपाल,सतिंद्र सिंह,गुरदीप सिंह ,अनूप सिंह सहित अन्य किसानों ने बताया कि बाढ़ की इस आपदा के समय पक्ष व विपक्ष के नेता मुंह नहीं दिखा रहे।
उन्होंने बताया कि जिला के उपायुक्त व अन्य अधिकारी आते हैं उन पर मिट्टी न पड़े इसलिए नदी के बांधों पर चलने की बजाय सड़कों पर ही गाडिय़ां दौड़ा रहे हैं। कुलविंद्र सिंह रंधावा प्रधान मौजूखेड़ा ने बताया कि अगर समय रहते नदी की खुदाई होती तो ग्राऊंड वॉटर लेवल भी सही होता मगर सिंचाई विभाग ने कुछ नहीं किया। उन्होंने बताया कि सरकार आज मुआवजे की बात कर रही है। दस,पांच हजार के मुआवजे से किसान का क्या होता है,फसल व बीज पर लगा खर्चा ही पूरा नहीं होता।
उपायुक्त गुप्ता ने बताया कि रंगोई नाला में जलस्तर बढ़ रहा है वहीं फतेहाबाद छोर से आ रहा पानी कल तक यहां पहुंच जाएगा जिससे सिरसा शहर में भी पानी घुस सकता है। उपायुक्त ने कैंप कार्यालय में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बाढ़ की स्थिति तथा इसके संभावित प्रभावों पर नियंत्रण को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आबादी वाले क्षेत्रों को बचाने के लिए हरसंभव प्रयास जारी रखे जाएं।
जनस्वास्थ्य व शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अधिकारी मिलकर योजना बनाएं, जिसके तहत किसी भी संभावित स्थिति में सिरसा शहर के पानी की जल्न्द व प्रभावी निकासी सुनिश्चित की जा सके। इसके लिए सभी वैकल्पिक योजना तैयार हो। बारिश होने की स्थिति में भी पानी की निकासी जल्द होनी चाहिए, ताकि शहर की आबादी को कोई परेशानी न हो इसके लिए सभी अधिकारी गंभीरता से कार्य करें।
