चंडीगढ़ : पंजाब के पर्यावरण मंत्री गुरमीत सिंह हेयर ने बुधवार को दावा किया कि धान के सीजन के दौरान पराली जलाने से रोकने के लिए राज्य सरकार की चलाई गई मुहिम को भरपूर मदद मिल रही है और सरकार की कोशिशों के स्वरूप इस बार आग लगने के मामलों में पिछले साल के मुकाबले 30 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। श्री हेयर ने यहां जारी बयान में कहा कि सरकार ने पराली जलाने के रुझान को रोकने के लिए जहां इन-सीटू और ऐक्स-सीटू प्रबंधन किया गया, वहीं पराली न जलाने वाले किसानों को सम्मानित करने की विशेष मुहिम शुरू कर अन्य किसानों को भी प्रेरित किया गया।
उन्होंने बताया कि राज्य में पिछले साल 15 सितम्बर से 30 नवम्बर तक पराली जलाने की 71,304 घटनायें सामने आईं थीं, जबकि इस साल इसी समय के दौरान 49,907 पराली जलाने की घटनाएँ सामने आईं। इस तरह इस साल 30 प्रतिशत कमी दर्ज की गईं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने केंद्र सरकार से मुआवज़ा राशि मांगी थी जिसमें जिसमें पंजाब ने भी अपना हिस्सा डालना था। इसी तरह उनकी तरफ से राज्य के पर्यावरण मंत्रियों की कॉन्फ्रेंस में केंद्र के समक्ष यह मांग रखी गई थी, यदि केंद्र की स्वीकृति मिलती तो आग लगने के मामलों में और गिरावट दर्ज होनी थी।
पराली जलाने के मामलों में आई कमी
