केंद्रपाड़ा : राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने ओडिशा में 10 नवंबर को बाइपरिगुडा में पुलिस की ओर से कथित फर्जी मुठभेड़ को लेकर राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और मल्कानगिरी के जिलाधिकारी (डीएम) तथा पुलिस अधीक्षक (एसपी) से कार्रवाई रिपोर्ट (एटीआर) मांगी है। मानवाधिकार कार्यकर्ता राधाकांत त्रिपाठी द्वारा दायर एक याचिका पर कार्रवाई करते हुए एनएचआरसी ने अपने आदेश में अधिकारियों से चार सप्ताह के भीतर रिपोर्ट सौंपने को कहा है।
अपनी याचिका में त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा धाना कमर और जयकुमार नाग दोनों का मुठभेड़ फर्जी था। दोनों मृतकों का माओवादियों से कोई संबंध नहीं था। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की जरूरत है। यह आरोप लगाते हुए कि मुठभेड़ में मौत लोगों के मानवाधिकारों का उल्लंघन है श्री त्रिपाठी ने एनएचआरसी से घटना की निष्पक्ष जांच का आदेश देने और राज्य को दोषी अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश देने का अनुरोध किया। उन्होंने एनएचआरसी से प्रत्येक मृतक के परिजनों को पर्याप्त मुआवजा देने का भी अनुरोध किया।
फर्जी मुठभेड़ मामले में ओडिशा के डीजीपी से मांगी रिपोर्ट
