नई दिल्ली : भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण-एनएचएआई ने टोल प्लाजा पर विवाद और कहा-सुनी की घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठाते हुए मानक संचालन प्रक्रिया जारी की है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने सोमवार को यहां जारी बयान में कहा कि सड़क उपयोग करता हूं और टोल प्लाजा कर्मियों को विवाद से बचने के लिए संयम दिखाते हुए नियमों का पालन करना चाहिए। विवाद की स्थिति से कैसे निपटे हैं इसके लिए टोल प्लाजा कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा और उन्हें इस संबंध में जारी मानकों का पालन करना होगा।
विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया में प्राधिकरण के क्षेत्रीय कार्यालयों के लिए दिशा-निर्देश हैं ताकि टोल संग्रहण एजेंसियां अपने कर्मचारियों के व्यवहार तथा सड़कों का इस्तेमाल करने वालों के लिए दिशा-निर्देशों को सख्ती से लागू कर सकें। मंत्रालय ने कहा कि कोई भी घटना जिसमें सड़क उपयोगकर्ता द्वारा शारीरिक हिंसा या टोल प्लाजा पर सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया जाता है टोल संग्रहण एजेंसी को सबूत के सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ पुलिस और संबंधित एनएचएआई परियोजना कार्यान्वयन इकाई को सूचित करना होगा।
सड़क परिवहन मंत्रालय के अनुसार एनएचएआई के क्षेत्रीय कार्यालय यह सुनिश्चित करेंगे कि टोल एकत्र करने वाली एजेंसी के पास टोल प्लाजा पर तैनात प्रत्येक कर्मचारी का पुलिस सत्यापन हो। इसके अलावा, टोल संग्रह करने वाली एजेंसी को टोल प्लाजा कर्मचारियों को सड़क उपयोगकर्ताओं के साथ विनम्र रहने का निर्देश देना भी जरूरी होगा।
मंत्रालय ने कहा है कि टोल संग्रह एजेंसी को संबंधित एनएचएआई परियोजना कार्यान्वयन इकाई को विवाद की घटनाओं और इस संबंध में दर्ज प्राथमिकियों का मासिक विवरण भी देना होगा ताकि अधिकारियों की निष्क्रियता दिखाने पर एनएचएआई के फील्ड अधिकारी तथा जिला कलेक्टर को इसकी रिपोर्ट कर कार्रवाई का अनुरोध कर सकें। इसके साथ ही एनएचएआई के क्षेत्रीय कार्यालय प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर राज्य स्तरीय बैठकों में इस पर चर्चा कर सकें।
टोल प्लाजा पर विवाद रोकने को बनाए नियम
