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सागर में बनेगा संत रविदास का मंदिर

सागर : शिवराज सिंह चौहान ने सागर जिले में लगभग 100 करोड़ रुपए की लागत से संत रविदास का मंदिर बनाने की आज घोषणा की।
चौहान ने यहां आयोजित संत रविदास महाकुंभ को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश की धरती पर संत रविदास का भव्य मंदिर बनना चाहिए। सागर के पास जमीन देख ली गई है, वहां संत रविदास का भव्य मंदिर 100 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाएगा। उन्होंने जो शिक्षा दी है, वो भी वहाँ उकेरी जाएगी। यह प्रक्रिया आज ही प्रारंभ होती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संत रविदास ने कहा है कि ऐसा राज होना चाहिए, जहाँ कोई भूखा न सोये, सभी को अन्न मिले, कोई छोटा-बड़ा न हो, ऊँच-नीच न हो, जात-पात न हो, सभी समान रहें, तभी रविदास प्रसन्न होंगे। जैसा संत रविदास ने कहा है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वे स्वयं ऐसी ही सरकार चला रहे हैं।
इसी क्रम में उन्होंने कहा कि बहनों और माताओं को मजबूत और सशक्त होना चाहिए, उनके हाथों में भी पैसे होना चाहिए। इसी सोच के साथ मध्यप्रदेश में हर गरीब और मध्यमवर्गीय बहन के खाते में एक हजार रुपये प्रतिमाह डालेंगे। इसके लिए लाड़ली बहना योजना आ रही है।
श्री चौहान ने कहा कि नगर निगम के चुनाव में सारे एससी वॉर्ड भाजपा जीती। वर्षों से जो गरीब अनुसूचित जाति के भाई-बहन रह रहे हैं, उनको उस जमीन का पट्टा देंगे। गाँव में मुख्यमंत्री भू-आवासीय अधिकार योजना के तहत गरीब परिवार को रहने के लिए जमीन का टुकड़ा दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी संत रविदास का कार्यक्रम किया, लेकिन न उनके सामने झुके और न ही संतों का सम्मान किया। इसी क्रम में उन्होंने कहा कि एससी वर्ग के लिए कमलनाथ ने क्या काम किया।
उन्होंने कहा कि पिछले ढाई साल में उनकी सरकार ने पीएम आवास योजना में 6.69 लाख अनुसूचित जाति के लोगों को 5,018.77 करोड़ रुपये दिए। स्वच्छ भारत मिशन में व्यक्तिगत शौचालय के लिए 12 लाख लोगों को 71 करोड़ रुपये दिए। आजीविका मिशन की बहनों को 99.54 करोड़ रुपये दिए। 1.55 लाख लोगों को पीएम आवास योजना शहरी के तहत 1,295 करोड़ रुपये दिए। लाड़ली लक्ष्मी योजना में करीब सात लाख बेटियों को लाभ दिया। पीएम मुद्रा योजना में 37 लाख से ज्यादा भाई-बहनों को 5,958 करोड़ रुपये दिए। सभी योजनाओं में मिलाकर 14 हजार 300 करोड़ रुपये एससी समाज के लिए खर्च किये हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुसूचित जाति वर्ग की जिन बेटियों को साइकिल नहीं मिली, उनको 11वीं में जाने पर तीन हजार 900 रुपये दिए जाएंगे। इस वर्ग के बच्चों की अभी तक स्कॉलरशिप की सीमा 6 लाख रुपये वार्षिक थी। यह बढ़ाकर 8 लाख रुपये कर रहे हैं। संत रविदास का काशी में जन्म हुआ, वहाँ तीर्थ यात्रा की ट्रेन भेजेंगे। औद्योगिक क्षेत्रों में जो उद्योग लगाना चाहते हैं, इसके लिए 20 फीसदी भूमि एससी-एसटी के लिए आरक्षित की जाएगी। दलित उद्योगपतियों के संगठन डिक्की को एक क्लस्टर अलग से देंगे। भंडारक्रय नियमों में परिवर्तन करके इस वर्ग के उद्योगपतियों को सर्विस और ट्रेडिंग सेंटर में भी छूट देंगे।

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