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74वें विश्व स्वास्थ्य दिवस पर सबके लिए एक ही संदेश

संयमित जीवन शैली अपनाकर ही बीमारियों से बचाव संभव है: शिक्षाविद् दयानंद वत्स भारतीय

नैशनल चाइल्ड एंढ वूमेन डवलपमेंट चेरिटेबल ट्रस्ट के तत्वावधान में आज ट्रस्ट के मुख्यालय बरवाला में ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिक्षाविद् दयानंद वत्स भारतीय के ने 74वें विश्व स्वास्थ्य दिवस पर जन-जागरूकता अभियान चलाने की शुरूआत करने का आह्वान किया है। वत्स ने कहा कि इस साल 2024 की थीम है मेरा स्वास्थ्य मेरा अधिकार यानि जरुरी स्वास्थ्य सुविधाएं, सेवाएं और शिक्षाएं सबको मिलें, अर्थात सबके लिए स्वास्थ्य। मनुष्य मानसिक, शारीरिक, सामाजिक और आर्थिक रुप से स्वस्थ रहे तभी विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाना सार्थक होगा। स्वास्थ्य सबका मौलिक अधिकार भी है। इसलिए सबके लिए एक ही संदेश है कि हम संयमित जीवन शैली अपना कर ही अपने आप को स्वस्थ रख सकते हैं। स्कूल कॉलेजों में इस बात का अधिकाधिक प्रचार किया जाना चाहिए कि विद्यार्थी मानसिक और शारीरिक रुप से स्वस्थ रहने के लिए खेल गतिविधियों में बढ चढकर भाग लें। प्रतिदिन शारीरिक गतिविधियों में समय दें और सुबह शाम की सैर पैदल चलकर करें। स्वच्छता को प्राथमिकता दें। इससे ना केवल हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित होगी बल्कि मन भी प्रसन्न होगा। जंक फूड से दूरी जरूरी है। नारियल पानी,, खरबूजा, तरबूज, नींबू- पानी तथा मौसमी फलों का सेवन जरूर करें। शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य ठीक रहे इसके लिए सकारात्मक सोच के मित्रों संग समय बिताएं जिससे नकारात्मक विचार दिमाग पर हावी ना हों। डाइबिटीज, उच्च रक्तचाप और तनाव, हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक आज के समय में घर- घर में दस्तक दे चुका है। ऐसे में खुश रहना बेहद जरूरी है। अच्छा स्वास्थ्य ही जीवन की सबसे बडी दौलत है। वत्स ने कहा कि भारतीय दवा बाजार नकली और घटिया निम्न गुणवत्ता वाली दवाओं से पटा पड़ा है। जीवन रक्षक दवाएं तक नकली हैं। भारी मुनाफे के लालच में नकली दवा माफिया चांदी काट रहा है। कड़ी सजा का कानून ना होने से नकली दवा माफिया को किसी का डर नहीं है। यह भारतीय नागरिकों के स्वास्थ्य के साथ खुला खिलवाड़ है। वत्स ने कहा कि भारत की राजधानी के दिल्ली सरकार के सरकारी अस्पतालों और डिस्पेंसरियों में पिछले चार महीने से दवाएं नहीं मिल रही हैं। दिल्ली सरकार अपने सेवानिवृत्त कर्मचारियों पैंशनरों तक को दवाएं उपलब्ध कराने में विफल रही हैं। 15जनवरी 2024 से दवाओं के टेंडर का नवीनीकरण या नया टेंडर तक नहीं हुआ। जबकि दिल्ली सरकार वर्ल्ड क्लास स्वास्थ्य सुविधाओं की बात करती है। ऐसे में विश्व स्वास्थ्य दिवस पर सरकारी लापरवाही चिंता का विषय है।