चंडीगढ़ : कुमारी शैलजा ने कहा कि कुरुक्षेत्र में आस्था के नाम पर करोड़ों रुपये के घोटालों को अंजाम दिये जाने का आरोप लगाया है। कुमारी शैलजा ने मंगलवार को यहां जारी एक बयान में कहा कि ज्योतिसर प्रोजेक्ट 200 करोड़ का है जो वर्षों से लटका हुआ है। जिसका रखरखाव भी ठीक ढंग से सरकार नहीं कर पा रही है। ज्योतिसर और ब्रह्मसरोवर के रख रखाव में करोड़ों रुपये का घोटाला किया गया है। ऐसे में सरकार को जल्द इस मामले की उच्च स्तरीय जांच करा कर और दोषियों पर मामला दर्ज कर कथित घोटाले की रकम वसूलनी चाहिये।
उन्होंने कहा कि कुरूक्षेत्र में वर्षो पहले ज्योतिसर प्रोजेक्ट शुरू किया गया था जिसका बजट 200 करोड़ रुपये रखा गया था। सरकार ने कृष्णा सर्किट के माध्यम से करोड़ों रुपये की राशि इस पवित्र स्थल के रख रखाव, ध्वनि एवं प्रकाश की व्यवस्था के लिए दी और यह राशि खर्च करने का दायित्व लोक निर्माण विभाग को दिया गया लेकिन कार्य समय पर पूरा न करने तथा अपव्यय बढ़ाने के कारण अब यह कार्य हरियाणा पर्यटन विभाग की देख रेख में चल रहा है। कुरूक्ष्रेत्र में हर वर्ष लाखों श्रद्धालु आते है लेकिन इस प्रकार अधूरे कार्यों को देखकर व्यथित होते। सरकार को इस कार्य को जल्द पूरा करवाना चाहिए तथा इसमें हुए घोटाले की उच्च स्तरीय जांच करानी चाहिए।
उन्होंने दावा किया कि गत पांच साल में ब्रह्मसरोवर के रख रखाव पर 35 करोड़ रुपये खर्च किये गये हैं। हालत यह है कि ब्रह्मसरोवर के चारों ओर लगे पत्थर टूटकर गिर चुके हैं। वहां के शौचालयों की साफ सफाई और मरम्मत पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। वहां पर लाइट ठप्प है। सीसीटीवी कैमरे बंद पड़े है। रख रखाव के नाम पर पैसा किसकी जेब में गया इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। इसी तरह श्रीकृष्ण संग्रहालय के हालात भी बद से बदतर होते जा रहे हैं। इसकी ओर न तो बोर्ड और न ही सरकार कोई ध्यान दे रही है।
कुरूक्षेत्र में आस्था के नाम पर हुआ घपला
