भुवनेश्वर : ओडिशा के सार्वजनिक स्वास्थ्य निदेशक निरंजन मिश्रा ने बुधवार को कहा कि कुछ जिलों को छोड़कर स्क्रब टाइफस लगभग पूरे राज्य में फैल गया है। मिश्रा ने यहां पत्रकारों को बताया कि यह बीमारी केवल ग्रामीण इलाकों तक ही सीमित नहीं है बल्कि शहरी इलाकों में भी फैल गई है। सार्वजनिक स्वास्थ्य निदेशक ने कहा कि अब तक 22,077 परीक्षण किए गए हैं और 2820 लोग स्क्रब टाइफस पॉजिटिव पाए गए हैं। स्क्रब टाइफस, जिसे बुश टाइफस भी कहा जाता है, एक बीमारी है जो ओरिएंटिया त्सुत्सुगामुशी नामक बैक्टीरिया के कारण होती है। मिश्रा ने कहा कि स्क्रब टाइफस संक्रमित चिगर्स (लार्वा माइट्स) के काटने से भी लोगों में फैलता है।
स्क्रब टाइफस के सबसे आम लक्षणों में बुखार, सिरदर्द, शरीर में दर्द और कभी-कभी दाने शामिल हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में एक केंद्रीय टीम ने स्थिति की समीक्षा करने के लिए बारगढ़, झारसुगुड़ा, संबलपुर, सुंदरगढ़, बोलांगीर और बुर्ला मेडिकल कॉलेज का दौरा किया है। मिश्रा ने कहा कि टीम ने स्क्रब टाइफस के खतरे को रोकने के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना की है। केंद्रीय टीम जल्द ही केंद्र सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय टीम ने मौखिक रूप से राज्य को परीक्षण बढ़ाने और बीमारी का शीघ्र पता लगाने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उनकी अनुशंसा मिलने के बाद आगे की कार्रवाई करेगी। निदेशक ने कहा कि राज्य सरकार की एक टीम स्क्रब टाइफस के कारण हुई मौतों की कथित रिपोर्टों की जांच करने के लिए सुंदरगढ़ और बरगढ़ गई थी।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक मौत पर भ्रम की स्थिति है क्योंकि उनकी मौत निजी अस्पतालों में हुई है। निजी अस्पतालों में एलिसा टेस्ट की जगह रैपिड टेस्ट किए गए। मिश्रा ने कहा कि स्क्रब टाइफस का पता केवल एलिसा टेस्ट से ही लगाया जा सकता है। इस बीच, राज्य सरकार ने जिला स्वास्थ्य अधिकारियों से स्क्रब टाइफस के बढ़ने पर निगरानी बढ़ाने को कहा है।
