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मणिपुर में हिंसा के बाद सुरक्षा अभियान चलाए गए

इंफाल : मणिपुर में पिछले दिनों सेरोउ, कदनबंद, सुगनू और इंफाल पूर्व के कुछ स्थानों पर कुकी उग्रवादियों के हमले के बाद बड़े पैमाने पर सुरक्षा उपाय किये जाने के साथ ही अभियान चलाए गए है। इम्फाल पूर्व के ग्रामीणों ने कहा कि 10 फरवरी को शुरु हुई गोलीबारी गुरुवार तक जारी थी। पुलिस ने बताया कि अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है और कई अन्य घायल हुए हैं।
उन्होंने बताया कि गांवों की रक्षा करने वाले युवाओं ने हमलों को देखते हुए हथियार, गोला-बारूद और सुरक्षा की मांग की। मंगलवार को स्थिति तब हिंसक हो गई जब सुरक्षा और हथियारों की मांग को लेकर युवाओं ने कुछ पुलिस स्टेशनों पर धावा बोल दिया।
पुलिस ने कहा कि कुछ युवा इंफाल पूर्व में एक पुलिस प्रशिक्षण केंद्र में घुस गए और कुछ हथियार ले गए। पुलिस ने उन पर गोली चला दी, जिससे एक युवक की मौत हो गई। पुलिस बुधवार को सभी हथियार बरामद करने और छह लोगों को हिरासत में लेने में कामयाब रही। इन लोगों को न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
पुलिस ने कहा कि हमलों को रोकने के लिए अभियान शुरू किए गए और अब तक प्रोजेक्टाइल लॉन्चर, इम्प्रोवाइज्ड ग्रेनेड लॉन्चर, इम्प्रोवाइज्ड प्रोजेक्टाइल, उजी सब मशीन जीगन, मैगजीन के साथ, ग्रेनेड (एक) डब्ल्यूपी स्मोक, डेटोनेटर, मैगजीन के साथ एक पीटी 303 राइफल, 12 -इंच सिंगल-बोर बैरल बंदूकें और एक विस्फोटक उपकरण बरामद किया गया।
पुलिस ने कहा कि एक उग्रवादी को भी पकड़ा गया है और आवश्यक वस्तुओं के साथ राष्ट्रीय राजमार्ग-37 और राष्ट्रीय राजमार्ग -2 पर क्रमश: 224 और 192 वाहनों की आवाजाही सुनिश्चित की गई है , हालांकि 03 मई-2023 को संकट शुरू होने के बाद से राष्ट्रीय राजमार्गों पर मैतेई लोगों की आवाजाही अभी भी बहाल नहीं की जा सकी है।
हमलों के कारण भागे ग्रामीणों ने गुरुवार को यहां मीडिया से बात करते हुए कहा कि कुकी उग्रवादी अत्याधुनिक हथियारों का इस्तेमाल कर रहे थे और उन्होंने गांवों पर लगातार हमले किए है। कुकी उग्रवादियों के हमले के कारण झाड़ियों के पीछे छुपे बच्चों के वीडियो वायरल हो गए।

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